मौत की रस्सी को बच्चों ने बनाया खेल,विद्युत विभाग की बड़ी लापरवाही से बुझ सकते हैं घर के चिराग़

झूलती हाईटेंशन लाईन बडे हादसे को दे रही न्यौता

काज़ी अमजद अली

मुजफ्फरनगर:अंधेरों में तेज़ प्रकाश का उजियारा प्रदान करने का महान कार्य करने वाले विद्युत विभाग की लापरवाही कब किसके घर का चिराग हमेशा के लिये गुल करदे इसकी आशंका हर समय बनी रहती है। विद्युत की लापरवाही ने अक्सर अनेक व्यक्तियों की जान ली है। विद्युत विभाग की लापरवाही के मामले लगातार प्रकाश में आते रहते हैं।मोटे बिल उगाही से लकर छापेमारी अभियान तक आम नागरिकों पर कडी कार्रवाई करने वाला विद्युत विभाग अपनी खामियों पर कभी नजर नहीं रखता। विद्युत आपूर्ति के नाम पर आंख मिचौली करने वाला विद्युत विभाग किस कदर लापरवाह है, इसकी मिसाल मोरना में देखने को मिल रही है। जहां झूलती हाईटेंशन लाईन बच्चों के खेल का साधन बन गयी है। विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते किसी बडे हादसे के घटने की आशंका उत्पन्न हो गई है।

मुजफ्फरनगर जिले के भोपा थाना क्षेत्र के गांव मोरना में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही के चलते लाईनें जर्जर हालत में हैं। जिस कारण विद्युत आपूर्ति आंख मिचौली खेलती रहती है। थोडी थोडी देर बाद जर्जर लाईन में फॉल्ट होते रहते हैं। लापरवाही का बडा नजारा घनी आबादी के बीच मेला ग्राउंड पर बना हुआ है, जहां हाईटेंशन लाईन लटककर नीचे झूल रही है। रबड की परत वाले झूलते तार बच्चों के खेलने का साधन बने हुए है। नीचे लटक रही रबर कोट वाली लाइन पर कम उम्र के बच्चे झूला झूल रहे हैं। बडे खतरे से अंजान बच्चे व अभिभावक इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। झूलती लाईन कब किसकी जान ले ले। इसका अंदाजा लगाते ही रूह कांप उठती है। झूलती लाईन पर झूलते बच्चे बडे हादसे से बेखबर हैं। दुर्घटना के बाद जागने वाला प्रशासन भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जहां सप्ताह में दो बार पैंठ लगती है तथा हजारों व्यक्तियों का वहां से आना जाना लगा रहता है। विद्युत विभाग मौत के इस खेल से जानकर भी अंजान बना हुआ है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से झूलती लाईन को ठीक कराने की मांग की है।

मोरना गाँव मे ब्लॉक् मुख्यालय भी है। तथा लगभग दस हज़ार की आबादी वाले महत्वपूर्ण गाँव मे विद्युत आपूर्ति कोहरे के मौसम में सूरज की रोशनी की तरह है। झूलती जज्जर लाइनों में होने वाले फॉल्ट पॉवर कट की वजह बने हुए हैं।दूसरी ओर इस वीडियो को देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि विद्युत विभाग को केवल बिजली के बिल की परवाह है। नागरिकों की जिंदगी की उसे कोई परवाह नहीं है।विद्युत विभाग के लिये नागरिकों की सुरक्षा कोई मायने नही रखती है।यही कारण है कि घनी आबादी के बीच नंगे तारों के नींचे गर्डिंग लाइन भी नहीं बनाई गयी है।तकनीकी खामियों का पुलिन्दा बने विद्युत विभाग के कर्मचारियों का हिटलर शाही रवैया उपभोक्ताओं का शोषण करने के लिये नज़र आता प्रतीत होता है।