मुज़फ्फरनगर: NIC में आपदा मित्रों का ऑनलाइन संवाद कार्यक्रम, गृह एवं सहकारिता मंत्री ने किया मोटिवेशन

( True Story की स्पेशल रिपोर्ट)
मुज़फ्फरनगर के जिलाधिकारी कार्यालय स्थित एनआईसी (NIC) कक्ष में हाल ही में लखनऊ से प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटे आपदा मित्र स्वयंसेवकों ने ऑनलाइन संवाद कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। यह संवाद कार्यक्रम गृह एवं सहकारिता मंत्री, भारत सरकार की अध्यक्षता में आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के विभिन्न राज्यों से जुड़े सैकड़ों आपदा मित्र स्वयंसेवक वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गजेंद्र कुमार के नेतृत्व में जिले के सभी प्रशिक्षित आपदा मित्रों ने सहभागिता की और गृह एवं सहकारिता मंत्री के प्रेरणादायी संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना। गृह मंत्री ने आपदा मित्रों की भूमिका को बेहद अहम बताते हुए कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में सबसे पहले स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की मौजूदगी राहत और बचाव कार्यों को तेज और प्रभावी बनाती है।
इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों से जुड़े आपदा मित्रों ने भूकंप, बाढ़, अग्निकांड और सड़क दुर्घटनाओं जैसी आपदाओं के समय अपने अनुभव साझा किए और बताया कि किस प्रकार प्रशिक्षण के बाद वे लोगों की जान बचाने में सहायक बने।
अपर जिलाधिकारी गजेंद्र कुमार ने कहा कि आपदा मित्र विपरीत परिस्थितियों में समाज के लिए एक मजबूत कड़ी बनकर उभर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सेवा, समर्पण और विश्वास की भावना के साथ आपदा मित्र स्वयंसेवक लगातार समाज सेवा में सक्रिय हैं। ऐसे प्रशिक्षित स्वयंसेवक प्रशासन और आम जनता के बीच सेतु का कार्य करते हैं, जिससे आपदा प्रबंधन की पूरी व्यवस्था और अधिक सशक्त होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि आपदा मित्रों को समय-समय पर रिफ्रेशर ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे हर तरह की आपात स्थिति में बेहतर ढंग से काम कर सकें।
कार्यक्रम में आपदा एवं सिविल डिफेन्स सहायक नासिर हुसैन,
प्रिंसी तथा इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर से गुलफाम अहमद सहित अन्य अधिकारी एवं स्वयंसेवक मौजूद रहे। संवाद कार्यक्रम के माध्यम से सभी आपदा मित्रों को नई ऊर्जा, प्रेरणा और भविष्य में और बेहतर कार्य करने की दिशा मिली।

क्या है आपदा मित्रों के प्रमुख कर्तव्य
आपदा मित्र योजना के तहत उत्तर प्रदेश में प्रशिक्षित स्वयंसेवकों का मुख्य दायित्व किसी भी आपदा की स्थिति में प्रशासन के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग करना है। इसके अंतर्गत आपदा के समय फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना, प्राथमिक उपचार देना, राहत सामग्री के वितरण में सहायता करना, भीड़ प्रबंधन, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर सूचना देना तथा आम नागरिकों को आपदा से बचाव के प्रति जागरूक करना शामिल है। इसके साथ ही आपदा मित्रों को जिला प्रशासन के निर्देश पर इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के माध्यम से सक्रिय रहकर त्वरित प्रतिक्रिया देना अनिवार्य होता है।