विदेश

सेना का विद्रोह, राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री नज़रबंद,माली के हालात पर विश्व की नज़र

अफ्रीकी देश माली में सैनिकों ने विद्रोह कर दिया है।देश के निवर्तमान राष्‍ट्रपति बाह एन दाव तथा प्रधानमंत्री मोक्‍टार ओआने को अरेस्‍ट कर लिया। खबरों के मुताबिक इस गिरफ्तारी से पहले सरकार में बदलाव करके सेना के दो लोगों को मंत्रिमंडल से हटा दिया गया था। अफ्रीकी यूनियन और संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ ने अचानक हुए इस घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी है। सैनिकों ने रक्षा मंत्री को भी अरेस्‍ट कर‍ लिया है।नौ महीने पहले हुए सैन्‍य विद्रोह में सेना ने माली की सरकार पर कब्‍जा कर लिया था। इस बीच अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय ने विद्रोही सैनिकों से अपील की है कि वे जल्‍द से जल्‍द राष्‍ट्रपति बाह एन दाव और प्रधानमंत्री मोक्‍टार ओआने को रिहा करें। राष्‍ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों को ही अब काती सैन्‍य मुख्‍यालय में रखा गया है। अंतरराष्‍ट्रीय संगठनों ने एक बयान जारी करके कहा है कि वे सेना के इस कदम और जबरन इस्‍तीफा दिलाने को खारिज करते हैं।

विद्रोही सैनिकों ने राष्‍ट्रपति के घर पर
सेना के राष्‍ट्रपति और प्रधानमंत्री को अरेस्‍ट करने के बाद अब यह खतरे की घंटी बजने लगी है कि क्‍या संक्रमणकालीन सरकार अगले साल फरवरी में माली में लोकतांत्रिक ढंग से चुनाव करा पाएगी या नहीं। माली में संयुक्‍त राष्‍ट्र हर साल शांतिरक्षकों पर 1.2 अरब डॉलर खर्च कर रहा है। सेना पर अंतरराष्‍ट्रीय दबाव के बाद पिछले साल सितंबर महीने में वर्तमान राष्‍ट्रपति और प्रधानमंत्री ने पदभार संभाला था।

माली की सेना नागरिक सरकार को सत्‍ता सौंपने पर सहमत हो गई थी। सेना ने एक महीने पहले ही सत्‍ता पर कब्‍जा कर लिया था और विद्रोही सैनिकों ने राष्‍ट्रपति के घर को घेर लिया था तथा हवा में गोलियां चलाई थीं। इसके बाद राष्‍ट्रपति ने राष्‍ट्रीय टीवी पर दिए अपने बयान में कहा था कि वह इस्‍तीफा दे रहे हैं ताकि उन्‍हें सत्‍ता में बने रहने के लिए खून की होली न खेलनी पड़े।

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