मुजफ्फरनगर। भाकियू नेता धर्मेन्द्र मलिक ने कृषक समृद्धि आयोग के सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया है। माना जा रहा है कि किसान कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन के बीच यह सदस्यता BKU के लिए परेशानी का सबब बनी हुई थी।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गुरुवार की सवेरे धर्मेन्द्र मलिक ने पत्र लिखकर इस्तीफे की जानकारी दे दी है।
इस्तीफे के लिए लिखे पत्र में कहा गया कि आयोग के सदस्य पद से इस्तीफा भेज रहा हूँ कि आपके द्वारा किसान हितों के लिए 10 नवम्बर 2017 को आपकी अध्यक्षता में कृषक समृद्धि आयोग का गठन किया गया था। इस आयोग का उद्देश्य किसानों की समस्याओं की जानकारी कर समाधान करना था। आयोग में गैर सरकारी सदस्य एवं किसान संगठन के प्रतिनिधि के तौर पर मुझे भी नामित किया गया था। इनका कहना था की बडे़ दुःख का विषय है कि लगभग साढे तीन वर्ष बीत जाने के बावजूद भी आयोग की एक भी बैठक का आयोजन नहीं किया गया है। आज देशभर में हाल में ही लाये गये तीन कृषि कानूनों को लेकर भारत सरकार और किसानों के बीच गतिरोध चल रहा है। पिछले तीन माह से किसानों ने भारी सर्दी में अपना समय सड़कों पर बिता दिया, लेकिन भारत सरकार आज तक कोई समाधान नहीं निकाल पायी।

मुख्यमंत्री को भेजा गया पत्र
ऐसे गम्भीर विषय पर भी कृषक समृद्धि आयोग की तरफ से भारत सरकार को कोई सुझाव नहीं भेजे गये और न ही हम इस विषय पर उत्तर प्रदेश के किसानों की राय संवाद के माध्यम से नहीं जान पाए। आयोग का गठन जिस उद्देश्य को लेकर किया गया था, आयोग वह उद्देश्य पूरे नहीं कर पाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी भारत सरकार को तीन कृषि कानूनों पर किसानों की चिंताओं से अवगत कराये। ताकि किसान का अहित न हो सके।














