मुजफ्फरनगर। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की पत्नी साधना गुप्ता के निधन पर सपाइयों ने शोक जताया है। पूर्व सांसद एवम वरिष्ठ नेता हरेंद्र मलिक ने कहा कि साधना गुप्ता का निधन अपूरणीय क्षति है। जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता।

हरेंद्र मलिक
गत दिवस फेफड़े के संक्रमण के चलते साधना गुप्ता का निधन हो गया था। उन्हे आज पंचतत्व में विलीन किया गया है। सपाई उनके निधन से आहत है। मुजफ्फरनगर में सपा नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया। हरेंद्र मलिक ने अपने बयान में कहा की साधना गुप्ता ने सपा के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाई। उनके बताए मार्ग पर सपा ने हमेशा ऊंचाई को छुआ है।

पंकज मलिक
विधायक चरथावल
समाजवादी पार्टी
चरथावल विधायक पंकज मलिक ने कहा की सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव की पत्नी साधना यादव के निधन से हर सपा कार्यकर्ता की आंखे नम है। उनका पार्टी में अहम योगदान रहा है। उन्होंने कहा की चरथावल विधानसभा क्षेत्र का एक एक कार्यकर्ता इस निधन से द्रवित है। कार्यकर्ताओं के शोक संदेश आ रहे है। मगर ईश्वर की जो इच्छा थी उसे कोई टाल नही सकता।
लखनऊ के पिपरा घाट में हुआ अंतिम संस्कार
समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव की पत्नी साधना गुप्ता का अंतिम संस्कार आज लखनऊ के पिपरा घाट में किया गया बेटे प्रतीक यादव ने उन्हें मुखाग्नि दी. इस दौरान मुलायम सिंह यादव, अखिलेश, शिवपाल और रामगोपाल यादव भी मौजूद रहे।
बता दें कि शनिवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में साधना का निधन हो गया था. साधना सिंह के अंतिम संस्कार में पिपरा घाट पर भारी संख्या में लोग मौजूद थे।
पोस्ट कोविड समस्याओं से पीड़ित साधना गुप्ता के निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर गुरुग्राम से लखनऊ लाया गया था. मुलायम सिंह यादव की पहली पत्नी और अखिलेश यादव की मां मालती देवी का साल 2003 में ही निधन हो गया था. मालती देवी के निधन के बाद मुलायम सिंह यादव ने साधना गुप्ता को पत्नी का दर्जा दिया था।साधना गुप्ता इटावा जिले के बिधूना की रहने वाली थीं. 4 जुलाई 1986 को साधना गुप्ता की शादी फर्रुखाबाद के चंद्र प्रकाश गुप्ता के साथ हुई थी. 7 जुलाई 1987 को साधना गुप्ता ने बेटे प्रतीक यादव को जन्म दिया था. शादी के दो साल बाद ही साधना गुप्ता और उनके पति चंद्र प्रकाश गुप्ता अलग हो गए थे. अपनी पहली पत्नी के निधन के कुछ साल बाद मुलायम ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया था जिसमें उन्होंने साधना गुप्ता को अपनी पत्नी और प्रतीक को बेटा बताया था।
कैसे करीब आए साधना और मुलायम
साधना गुप्ता और मुलायम सिंह यादव को लेकर कहा जाता है कि दोनों तब करीब आए जब सपा संरक्षक की मां अस्पताल में भर्ती थीं. उसी अस्पताल में साधना गुप्ता नर्स के रूप में तैनात थीं. साधना गुप्ता ने मुलायम सिंह यादव की मां मूर्ति देवी की काफी सेवा की. मूर्ति देवी को एक गलत इंजेक्शन लगाया जा रहा था, जिसे नर्स साधना ने रोक दिया था. कहा जाता है कि तभी मुलायम सिंह यादव को साधना से प्यार हो गया था।
साधना को लकी मानते थे मुलायम
साधना गुप्ता साल 1988 में अपने पति से अलग हो गई थी। और उसके अगले ही साल मुलायम सिंह यादव यूपी के मुख्यमंत्री बन गए थे. मुलायम सिंह यादव तब से साधना गुप्ता को अपने लिए लकी मानने लगे थे. कहा जाता है कि मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता तब से ही एक साथ हो गए थे, लेकिन इसकी भनक किसी को नहीं लगी।














