शामली के ग्राम मंसूरा में ग्रामीणों को किया गया वित्तीय रूप से जागरूक, योजनाओं की दी गई जानकारी
अधिकारियों ने डिजिटल फ्रॉड से किया सावधान, एपीके फाइल को बताया खतरनाक
ग्रामीणों की समस्याओं का अधिकारियों ने मौके पर ही किया निस्तारण

शामली। “जिस तरह घर को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत ताला जरूरी है, उसी तरह बैंक खाते को सुरक्षित रखने के लिए केवाईसी (KYC) अनिवार्य है।” यह महत्वपूर्ण संदेश आज शामली जनपद के ग्राम मंसूरा में आयोजित एक विशाल वित्तीय साक्षरता शिविर में गूंजा। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मनाए जा रहे वित्तीय साक्षरता सप्ताह के तहत ‘केवाईसी: सुरक्षित बैंकिंग की ओर पहला कदम’ विषय पर आयोजित इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को बैंकिंग सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और डिजिटल धोखाधड़ी से बचाना था।
शिविर को संबोधित करते हुए पंजाब नेशनल बैंक के सर्किल हेड राजेंद्र पॉल ने केवाईसी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति और सुरक्षा बीमा योजना को हर परिवार के लिए आवश्यक बताया।
भारतीय रिजर्व बैंक के एलडीएम ऋषभ सक्सेना ने केवाईसी और री-केवाईसी की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए कहा, “धोखेबाज हर दिन नए-नए तरीके अपना रहे हैं। आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपकी जीवन भर की कमाई डुबो सकती है।” उन्होंने आरबीआई के हेल्पलाइन नंबर की जानकारी देते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने का आग्रह किया।
नाबार्ड के डीडीएम निलय वत्स ने शादी के कार्ड के नाम पर भेजी जा रही खतरनाक एपीके फाइलों से सावधान किया, जो फोन हैक कर बैंक खाता खाली कर सकती हैं।
शामली के अग्रणी जिला प्रबंधक अनिल कुमार ने कहा कि केवाईसी का मतलब है ‘अपने ग्राहक को जानें’। यह सिर्फ एक कागजी प्रक्रिया नहीं, बल्कि आपके और बैंक के बीच विश्वास का रिश्ता है। अपडेटेड केवाईसी आपके खाते को किसी भी प्रकार के फ्रॉड से बचाने के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है।” उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे बिना किसी देरी के अपने बैंक खातों की केवाईसी पूरी कराएं।
क्रिसिल फाउंडेशन की कैपेसिटी बिल्डिंग ऑफिसर शीजा खानम ने बचत, बजट और निवेश के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत बनने के गुर सिखाए। उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को खातों में नॉमिनी बनाए जाने के फायदे भी बताए। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे अपने खातों की केवाईसी जरूर करा लें। उन्होंने सी-केवाईसी के बारे में भी जानकारी देते हुए बताया कि यदि एक खाते की सी-केवाईसी करा ली जाए, तो सभी खातों की केवाईसी स्वतः ही हो जाती है।
आरसेटी के डायरेक्टर अमित रस्तोगी ने युवाओं को मुफ्त कौशल प्रशिक्षण लेकर अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर पीएनबी सर्किल ऑफिस मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ प्रबंधक अवध-ेश कुमार, एलडीएम ऑफिस से वरिष्ठ प्रबंधक मनमोहन किशोर, पीएनबी से अनुराग कृष्ण शर्मा, सीएफएल के प्रबंधक गोविंदा, ब्रांच मैनेजर मंसूरा विनोद कुमार, कैराना फील्ड कोऑर्डिनेटर महेश कुमार के अलावा गांव के गणमान्य नागरिक और आसपास के बैंकों के शाखा प्रबंधक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।













