शब्बीर अहमद
यूपी के बुलंदशहर जिले के खुर्जा देहात थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार ने एक बार फिर एक मासूम जान ले ली। हाईवे-34 पर सड़क पार कर रही 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला को तेज रफ्तार थार कार ने इतनी जोरदार टक्कर मारी कि वह दूर जा गिरीं और मौके पर ही गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद सड़क पर चीख-पुकार मच गई और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल बुजुर्ग महिला को तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
स्थानीय लोगों के मुताबिक मृतक बुजुर्ग संतों जंगल से लकड़ी लेकर अपने गांव धरपा लौट रही थीं। वह रोज की तरह पैदल सड़क पार कर रही थीं, तभी अचानक तेज रफ्तार थार कार ने उन्हें कुचल दिया। हादसा इतना भयानक था कि मौके पर मौजूद लोग सहम गए।
घटना के बाद कार चालक बिना रुके मौके से फरार हो गया। पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। जिले में लगातार बढ़ते सड़क हादसे यह सवाल खड़े कर रहे हैं कि आखिर तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग पर लगाम कब लगेगी? हाईवे पर न तो स्पीड कंट्रोल के पुख्ता इंतजाम हैं और न ही भारी वाहनों की सही निगरानी।
आए दिन ओवरलोड गन्ने से भरे ट्रक, तेज रफ्तार कारें और बाइक सवार मौत को दावत देते नजर आते हैं। सोशल मीडिया पर पलटते ट्रकों और हादसों के वीडियो आम हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि कब तक आम लोग ऐसी लापरवाही का शिकार होकर अपनी जान गंवाते रहेंगे? क्या एक बुजुर्ग महिला की मौत के बाद भी प्रशासन जागेगा या फिर यह हादसा भी बाकी मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा?














