मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के विधि अध्ययन संस्थान में साइबर जागरूकता दिवस के उपलक्ष्य में एक पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। उद्घाटन संस्थान के समन्वयक डा. विवेक कुमार ने किया। कार्यक्रम के संयोजक डा. कुसुमा वती व आशीष कौशिक रहे।
प्रतियोगिता प्रारम्भ होने से पहले विधि अध्ययन संस्थान के समन्वयक डा. विवेक कुमार ने साइबर क्राइम के विभिन्न प्रकार और समाज में प्रतिदिन नयी-नयी तकनिकों के विकसित होने से कैसे एक नये रूप में अपराधों की वृद्धि हो रही है, जिसमें कि साइबर क्राइम समाज में सबसे ज्यादा लोगों को पीड़ित करने वाला एक मुख्य अपराध बन गया है। इसी क्रम में समन्वयक ने इस विषय पर भी प्रकाश डाला कि साइबर क्राइम से सबसे अधिक पीड़ित होने वाला वर्ग महिलाओं का है। साइबर क्राइम नयी तकनीकों का विकसित होने का प्रमाण है। उन्होंने प्रकाश डाला कि जैसे अधिकतम व्यक्ति सोशल मीडिया पर सक्रिय है तो यह सोशल मीडिया प्लेटफार्म अपराधियों के लिये एक उरर्वक भूमि है जिससे वह आसानी से लोगों को विशिष्टत: महिलाओं एवं बालिकाओं को उत्पीड़ित व अन्य प्रकार के अपराध कारित करते है। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता थीम पर प्रकाश डालते हुये उन्होंने विभिन्न कानूनों के प्रावधान व केन्द्र एवं राज्य सरकारों द्वारा संचालित जागरूकता अभियान व अन्य पहलुओं के बारे में जानकारी दी। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में बीए एलएल-बी व एलएलएम के कुल 24 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों ने साइबर क्राइम के भिन्न-भिन्न आयामों को दृष्टिगत करते हुये पोस्टर बनायें। कार्यक्रम में प्रमुखत: साइबर क्राइम महिलाओं के विरूद्ध पर प्रतिभागियों का विशिष्ट ध्यान केन्द्रित था। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में विभाग के सुदेशना, डा. विकास कुमार, अपेक्षा चौधरी, डा. धनपाल, डा. सुशील कुमार शर्मा आदि उपस्थिति रहें।













