स्टूडेंट्स की पढ़ाई को बढ़ावा देने का काम करेगी एडटेक कंपनी लीड

नोएडा। एडमिशन का सीजन आने ही वाला है और कई पेरेंट्स एक दुविधा में हैं। अपने छोटे बच्चों के लिये सही स्कूल चुनना और उनका शैक्षणिक भविष्य सुनिश्चित करना, महामारी के कारण क्लासरूम स्कूलिंग में आई बाधा और अभी कोविड-19 के मामलों में तेजी के चलते यह फैसला और कठिन है।
प्रमुख स्कूल एडटेक कंपनी लीड 400 से ज्यादा शहरों में 3000 से ज्यादा बजट प्राइवेट स्कूलों को सेवा प्रदान करती है। भारत में स्कूली शिक्षा के कायाकल्प में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण है कंपनी 12 लाख से ज्यादा स्टूंडेंट्स के लिये पढ़ाई की कमी को पूरा कर रही है। कंपनी अभी अपने इंटीग्रेटेड लर्निंग सिस्टम के माध्यम से उत्तर प्रदेश में विभिन्न शहरों के 115 स्कूलों में 63,600 से ज्यादा स्टूडेंट्स को सशक्त कर रही है। पढ़ाई में आए अंतर को दूर करना, शिक्षा के क्षेत्र में महामारी के सबसे बड़े प्रभावों में से एक रहा है। लंबे समय तक स्कूलों के बंद रहने के कारण पढ़ाई में हुआ नुकसान, पिछले कुछ महीनों में कुछ राज्यों ने स्कूल खोले हैं लेकिन, कुछ स्टूडेंट्स पिछले 20 महीनों से स्कूल नहीं गये हैं, इससे बजट स्कूलों पर बुरा प्रभाव हुआ है, पढ़ाई में ज्यादा अंतर आया है। खासकर सबसे निचले आर्थिक वर्गों से आने वाले बच्चों की पढ़ाई में देश के ज्यादातर स्कूल अब भी इस अंतर को दूर करने के लिये संघर्ष कर रहे हैं और अपने स्टूडेंट्स की पढ़ाई में तेजी ला रहे हैं। ऐसे स्कूलों की कोशिशों को सराहते हुए एज्युकेशन वल्र्ड मैगज़ीन ईडब्ल्यू इंडिया बजट प्राइवेट स्कूल रैंकिंग्स लेकर आई है। इस साल इस रैंकिंग में शामिल उत्तर प्रदेश के 54 स्कूलों में से 41 लीड पावर्ड स्कूल थे। यह अवार्ड उन स्कूलों को दिया जाता है जो कम आय वाले परिवारों के बच्चों  को विश्व में सबसे प्रतिस्पद्र्धी मूल्य पर प्राइवेट स्कूल की शिक्षा देते हैं।