बागपत में UDO ने कराई उर्दू सुलेख प्रतियोगिता.. मेधावी प्रतिभाओ का हुआ सम्मान

UP में ज़िला बागपत के शिक्षित गांव असारा स्थित इस्माइल अरेबिक कॉलेज में उर्दू डवलपमेंट ऑर्गेनाइज़ेशन (UDO) के तत्वावधान में उर्दू सुलेख प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि UDO को-ऑर्डिनेटर तहसीन अली असारवी तथा चौधरी आबिद की देखरेख में सम्पन्न हुई।

प्रतियोगिता में कक्षा छह, सात और आठ के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और अपनी खूबसूरत लिखावट व कला का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में क्रमशः प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ, पंचम और षष्ठ स्थान हासिल करने वाले छात्रों को सर्टिफिकेट और मेडल देकर सम्मानित किया गया।
सम्मान पाने वाले विद्यार्थियों में आरज़ू, अरमान, शाहीन, आयत, ज़िया, सादिका अम्बर प्रमुख रूप से शामिल रहे।
इस मौके पर चीफ गेस्ट तहसीन अली असारवी ने बच्चों की हौसला-अफ़ज़ाई करते हुए कहा—
“सुलेख केवल सुंदर लिखावट नहीं, बल्कि विचारों को सलीके और खूबसूरती से पेश करने की कला है। उर्दू ज़बान अपनी मिठास और प्रभाव के लिए जानी जाती है। जब इसे सुलेख की शक्ल दी जाती है, तो हर हर्फ़ और हर लकीर एक नई पहचान बनाती है। सुलेख का अभ्यास विद्यार्थियों में अनुशासन, धैर्य, एकाग्रता और सौंदर्य-बोध को बढ़ावा देता है। डिजिटल दौर में भी कलम-कागज़ से इस कला को जीवित रखना गर्व की बात है।”

उन्होंने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी छात्र-छात्राओं को बधाई दी और आयोजन के लिए मास्टर आबिद चौधरी का विशेष आभार व्यक्त किया।
आयोजकों का संदेश..
मास्टर आबिद चौधरी ने इस अवसर पर कहा—
“तालीम के बिना ज़िंदगी अधूरी है। यह वही मशाल है जो समाज को अंधेरे से उजाले की ओर ले जाती है। शिक्षित व्यक्ति सिर्फ़ अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज और देश की तरक्की में अहम भूमिका निभाता है।”

प्रतियोगिता के समापन अवसर पर कॉलेज के विद्यार्थी, शिक्षिकाएँ और सम्मानीय स्टाफ़ मौजूद रहा। सभी ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और उर्दू सुलेख जैसी पारम्परिक कला के संरक्षण पर ज़ोर दिया।




