मुज़फ्फरनगर मे आयोजित मासिक बैठक मे राष्ट्रीय नौजवान जनता दल के वरिष्ठ नेताओं ने मध्य प्रदेश सरकार पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में मौतें अब किसी दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना का नाम नहीं रहीं, बल्कि सरकार की संवेदनहीन नीतियों का नतीजा बन चुकी हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुमित खेड़ा और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष साजिद अली ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार को न जनता की जान की परवाह है और न ही किसी की जवाबदेही तय करने की नैतिकता बची है।
इंदौर में ज़हरीला पानी पीने से 17 लोगों की मौत पर सरकार के मंत्री मीडिया में बेशर्मी से बयान दे रहे हैं, लेकिन आज तक न कोई एफआईआर, न गिरफ्तारी और न ही किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि पर कार्रवाई हुई। यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि संरक्षित अपराध है।
छिंदवाड़ा में ज़हरीला कफ सिरप पीने से 29 मासूम बच्चों की मौत हुई, लेकिन सत्ता के गलियारों में कोई शर्म, कोई पश्चाताप और कोई इस्तीफ़ा देखने को नहीं मिला। इंदौर जैसे तथाकथित “सबसे स्वच्छ शहर” में ट्रैफिक जाम में फंसकर तीन लोगों की जान चली गई, और सरकार विज्ञापनों में अपनी पीठ थपथपाती रही।
रामनवमी के पावन दिन बावड़ी धंसने से 36 लोगों की मौत हुई, लेकिन सरकार ने न दोषियों को चिन्हित किया और न ही जिम्मेदारों की गर्दन पकड़ी। ऐसा लगता है जैसे सत्ता के लिए जनता की जान महज़ एक आँकड़ा बन चुकी है।
सुमित खेड़ा ने कहा, “अब सवाल यह नहीं है कि लोग क्यों मर रहे हैं, सवाल यह है कि जिंदा लोग चुप क्यों हैं? जब तक मरने वाला कोई और होता है, तब तक सत्ता और समाज दोनों को सब ठीक लगता है।”
उन्होंने कहा कि जिन घरों में मातम पसरा है, उनकी चीखें टीवी चैनलों की बहसों में दबा दी जाती हैं, और जनता को सत्ता द्वारा परोसा गया ऐसा नशा चढ़ा दिया गया है कि दिमाग सुन्न और ज़मीर लकवाग्रस्त हो चुका है।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष साजिद अली ने कहा कि एक दौर था जब सरकारें जनता से डरती थीं, लेकिन आज हालात यह हैं कि जनता को सर्कस के जानवर की तरह नचाया जा रहा है। अगर जनता ने अब भी चुप्पी नहीं तोड़ी, तो आने वाली पीढ़ियाँ गुलामी की मानसिकता विरासत में पाएँगी।
राष्ट्रीय नौजवान जनता दल ने चेतावनी देते हुए कहा कि पार्टी सत्ता की इस बेशर्मी और बेरहमी के ख़िलाफ़ सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी और जनता को चुप कराने की हर कोशिश का डटकर जवाब देगी।















