विश्व यूनानी चिकित्सा दिवस पर लखनऊ मे हुआ भव्य आयोजन


दिल्ली समेत 9 राज्यों में आयुष विभाग में डिप्टी डायरेक्टर (यूनानी) की नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग

UP की राजधानी लखनऊ मे ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस की ओर से विश्व यूनानी चिकित्सा दिवस का भव्य कार्यक्रम रवीन्द्रालय ऑडिटोरियम में प्रोफेसर मुश्ताक अहमद की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देशभर से आए यूनानी चिकित्सकों ने भाग लिया।
सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर मांग की गई कि यूनानी चिकित्सा के समुचित विकास के लिए दिल्ली, गुजरात, पश्चिम बंगाल, बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और असम के आयुष विभागों में डिप्टी डायरेक्टर (यूनानी) की नियुक्ति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।

साथ ही महान स्वतंत्रता सेनानी मसीह-उल-मुल्क हकीम अजमल खां को भारत रत्न प्रदान करने तथा उनके नाम पर राष्ट्रीय यूनानी विश्वविद्यालय की स्थापना किए जाने की मांग भी उठाई गई।

मुख्य अतिथि का संबोधन…
मुख्य अतिथि के रूप में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के निदेशक प्रोफेसर प्रदीप कुमार प्रजापति उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के विकास के लिए अलग आयुष मंत्रालय की स्थापना कर महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने हकीम अजमल खां के जन्मदिवस को यूनानी चिकित्सा दिवस के रूप में मान्यता देकर उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया है। उनका जीवन और कार्य आज भी चिकित्सा क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत है।

विश्व यूनानी चिकित्सा दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि यूनानी चिकित्सा पद्धति है : डॉ. सैय्यद अहमद खा

UDO के अध्यक्ष डॉ. सैय्यद अहमद खा ने अपने बयान में कहा कि विश्व यूनानी चिकित्सा दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि यूनानी चिकित्सा पद्धति के गौरव, परंपरा और वैज्ञानिक आधार को पुनर्स्थापित करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि केंद्र और राज्य सरकारें यूनानी चिकित्सा को स्वास्थ्य व्यवस्था की मुख्यधारा में मजबूत स्थान दें।
डॉ. खा ने मांग की कि जिन राज्यों में आयुष विभाग में डिप्टी डायरेक्टर (यूनानी) के पद रिक्त हैं, वहां शीघ्र नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि यूनानी चिकित्सकों को प्रशासनिक स्तर पर उचित प्रतिनिधित्व मिल सके और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो।
वहीं UDO के कोऑर्डिनेटर तहसीन अली असारवी ने कहा कि यूनानी चिकित्सा केवल उपचार पद्धति नहीं, बल्कि जीवनशैली और समग्र स्वास्थ्य का संदेश देती है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे यूनानी चिकित्सा के अध्ययन और अनुसंधान से जुड़ें तथा आधुनिक शोध के साथ तालमेल बैठाकर इस पद्धति को वैश्विक स्तर पर स्थापित करें।
तहसीन अली असारवी ने यह भी कहा कि हकीम अजमल खां जैसे महान व्यक्तित्वों की विरासत को आगे बढ़ाना हम सबकी जिम्मेदारी है और इसके लिए संगठित प्रयास आवश्यक हैं।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली (शाही इमाम ईदगाह, लखनऊ), प्रोफेसर अब्दुल हलीम, डॉ. महमूद अहसन सिद्दीकी, डॉ. रघुवीर सिंह, प्रोफेसर अब्दुल क़वी, डॉ. सिकंदर हयात सिद्दीकी, प्रोफेसर मोहम्मद इदरीस, प्रोफेसर एस. एम. आरिफ ज़ैदी, प्रोफेसर राशिद काज़ी, डॉ. टी. यू. सिद्दीकी, डॉ. नज्मुस्सहर, डॉ. शुजाउद्दीन अहमद और डॉ. सैयद अहमद खान सहित अनेक गणमान्य वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
इसके अतिरिक्त डॉ. मोहम्मद ताहिर (पूर्व सलाहकार, यूनानी, भारत सरकार), डॉ. एस. एम. याकूब, डॉ. सबाहतुल्लाह अमरोहवी, डॉ. लायक अली खान, डॉ. मुजीबुर्रहमान, डॉ. यासिर कुरैशी, डॉ. मोहम्मद खालिद लखनवी, डॉ. खबीब अहमद, डॉ. अहमद जमाल, डॉ. सैयद ज़ैनुल आबिदीन, प्रोफेसर शब्बीर अहमद, डॉ. नफीस अहमद, डॉ. ए. एच. लारी, प्रोफेसर एम. ए. फारूकी, डॉ. मनी राम सिंह, डॉ. बिलाल अहमद, हकीम अरबाबुद्दीन, हकीम उज़ैर बक़ाई, डॉ. शकील अहमद मेरठी, डॉ. ज़कीउद्दीन, डॉ. मिर्ज़ा आसिफ बेग, हकीम मोहम्मद मुर्तज़ा देहलवी, डॉ. खुर्शीद आलम, डॉ. जावेद अनवर, डॉ. सैयद मंसूर जमाल काज़मी, शकील अहमद हापुड़ी, डॉ. अतहर महमूद, डॉ. ग़ियासुद्दीन सिद्दीकी, डॉ. फहीम मलिक, डॉ. एहसान सिद्दीकी, डॉ. फैज़ान अहमद सिद्दीकी, डॉ. फरमान अली सिद्दीकी, डॉ. तैय्यब अंजुम, डॉ. मोहम्मद ऐजाज़ खान, डॉ. ऐजाज़ अली क़ादरी, डॉ. फरकान रज़ा, डॉ. ज़ीशान अंसारी, डॉ. आसिम क़दवई, डॉ. राशिद क़दवई, डॉ. मोहम्मद दानिश, डॉ. मोहम्मद राशिद इलाहाबादी, डॉ. मोहम्मद अकमल अलवी, डॉ. जावेद कमाल, डॉ. वजाहत अमरोहवी, डॉ. अल्लाह नवाज़, डॉ. नासिर अली, जनाब क़ाज़ी अब्दुल बासित, मोहम्मद ओवैस गोरखपुरी, नदीम आरिफ और मोहम्मद इमरान कन्नौजी सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


विशेषांक का विमोचन एवं सम्मान
इस अवसर पर ‘विश्व यूनानी चिकित्सा दिवस 2026’ विशेषांक — डॉ. मोहम्मद फ़ज़लुर्रहमान शरर मिस्बाही: जीवन और सेवाएं — का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न चिकित्सकों एवं संस्थानों को ‘हकीम अजमल खां विश्व यूनानी चिकित्सा दिवस पुरस्कार’ तथा ‘हकीम अजमल खां सुपर स्टार’ सम्मान से सम्मानित किया गया।