जिंदा ताई को मृत दिखा करोड़ों की संपति कराई अपने नाम…

अहमद हुसैन
UP के जिला मेरठ के सरधना सर्किल के थाना रोहटा अंतर्गत गांव डूंगर में एक जालसाज ने अपनी जिंदा ताई को मृत दिखा उसके हिस्से की जमीन को तहसील रिकॉर्ड में जालसाजी कर अपने नाम दर्ज करा ली। और करोड़ों रुपया कीमत की संपति को हड़प कर लिया। जब प्रदिता को इस बात का पता चला तो उसके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई जिस पर पीड़िता द्वारा उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई है।जिस पर जांच के घेरे में आने के डर से तहसील कर्मियों में भी हड़कप मचा हुआ है।
जानकारी के मुताबिक गांव डूंगर में हुक्मो पत्नी स्व. जैनू के केवल एक संतान ब्रह्मकुमारी थी। कोई लड़का न होने के कारण जैनू की मौत के बाद हुक्मो अपने भतीजे जीत सिंह व तेजवीर पुत्रगण रामसिंह के पास ही रहती थी। लेकिन कुछ दिन बाद उसका भतीजों से मनमुटाव हो गया और वह अपनी लड़की ब्रह्मकुमारी की ससुराल में जाकर रहने लगी। वही ब्रह्मकुमारी के भी मात्र एक लड़की योजना देवी है। योजना का पति सुरेन्द्र फौज में नौकरी कर रहा था
बताया कि योजना देवी का अपने नाना के घर पर काफी समय से आना जाना बना हुआ था।
योजना का कहना है कि उसकी नानी हुक्मो की वह इकलौती वारिस है। योजना देवी ने बताया कि वह पति के साथ नौकरी पर चली गई और जब वह रिटायरमेंट के बाद गांव डूंगर में गई और अपने मामा से अपने हिस्से की जमीन में हक मांगा तो मामा ने बोला कि तेरी नानी हुक्मो तो हमें 23 साल पहले जमीन बेच चुकी है।
योजना देवी ने जब ये सुना तो वह दंग रह गई। योजना देवी ने तहसील में जाकर रिकॉर्ड खंगलवाया तो पता चला कि हुक्मो के भतीजों तेजवीर ओर जीतसिंह ने तहसील कर्मियों से जाल साजी कर सन 2003 में हुक्मो के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के सहारे मृत दर्शाकर उसकी सारी संपति को अपने नाम पर दर्ज करा ली है। जबकि हुक्मो की मौत 11 दिसंबर 2009 में हुई है। जिसका मृत्यु प्रमाण पत्र भी विभाग द्वारा जारी किया हुआ है।
उसके बाद योजना देवी ने जिला अधिकारी ओर एसएसपी मेरठ को शिकायती पत्र देकर पूरे प्रकरण की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने ओर उसकी हड़पी गई संपति को वापस दिलाने की गुहार लगाई है
इस सम्बन्ध में एसडीएम से जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि शिकायत मिली है जांच के बाद ही कुछ कहा जाएगा वहीं। तहसील में जांच आने से तहसील कर्मियों में हड़कंप मचा हुआ। कि जिंदा महिला को मृत दिखा कर उसकी संपति को उसके वारिसों को न देकर भतीजों को देना एक गंभीर मुद्दा बन गया है।




