अहमद हुसैन
सरधना(मेरठ)। मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान सरधना विधानसभा क्षेत्र में फार्म-7 के कथित दुरुपयोग को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। क्षेत्र में आरोप लग रहे हैं कि सुनियोजित तरीके से एक विशेष समुदाय, विशेषकर मुस्लिम समाज के वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटवाने का प्रयास किया जा रहा है।
इसी गंभीर विषय को लेकर शाहवेज अंसारी और हनीफ राणा के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी, सरधना को विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर गलत, भ्रामक एवं तथ्यहीन सूचनाओं के आधार पर फार्म-7 भरकर संबंधित BLO व अधिकारियों को सौंप रहे हैं, जिससे योग्य मतदाताओं के नाम काटे जा सकें। ज्ञापन की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, मेरठ को भी भेजी गई है, ताकि मामले की उच्चस्तरीय निगरानी हो सके।
शाहवेज अंसारी ने कहा..
“लोकतंत्र की ताकत जनता का वोट है। यदि किसी समुदाय को सुनियोजित तरीके से मताधिकार से वंचित करने की कोशिश की जा रही है तो यह सिर्फ एक प्रशासनिक गड़बड़ी नहीं बल्कि लोकतंत्र पर सीधा हमला है। हम किसी भी कीमत पर निर्दोष और वैध मतदाताओं के नाम कटने नहीं देंगे। प्रशासन को तुरंत सख्त कार्रवाई करनी होगी, अन्यथा जनआंदोलन से भी पीछे नहीं हटेंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि यदि बिना स्थलीय सत्यापन और पुख्ता प्रमाण के नाम हटाए गए तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
हनीफ राणा ने कहा..
“फार्म-7 की प्रक्रिया का दुरुपयोग कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश बेहद चिंताजनक है। यदि किसी भी स्तर पर मिलीभगत सामने आती है तो दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। हम निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग करते हैं। मतदाता सूची के साथ छेड़छाड़ किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी।”
ज्ञापन में मांग की गई है कि बिना वैध दस्तावेज, स्थलीय जांच और नियमानुसार प्रक्रिया के कोई भी फार्म-7 स्वीकार न किया जाए। साथ ही पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस दौरान उपजिलाधिकारी, सरधना ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि किसी भी मतदाता का नाम बिना विधिवत प्रक्रिया और सूचना के मतदाता सूची से नहीं हटाया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हर आपत्ति का नियमानुसार सत्यापन किया जाएगा और बिना जांच किसी भी वैध मतदाता का नाम नहीं काटा जाएगा। साथ ही यदि कहीं अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत के समर्थन में संबंधित साक्ष्य भी प्रशासन को सौंपे गए हैं। ज्ञापन देने वालों मै शमीम अहमद, अतिक अहमद,फैज़ान अहमद, आरिफ मिर्ज़ा,जफ़र, अज़ीम, तय्यब अंसारी, सेहरीन अंसारी, हाजी कासिम, शाहबाज़ खान तहरक़ी, आदि लोग मौजूद रहे।
क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं और नागरिकों में भी चिंता का माहौल देखा जा रहा है। अब निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर आरोप पर क्या रुख अपनाता है।














