मेरठ हत्याकांड: ‘अर्चिता’ की नहीं, तुर्कमेनिस्तान की मुहब्बत की निकली लाश…पहचान छिपाने को चेहरा-हाथ जलाए, 500 CCTV खंगालकर चार आरोपी अरेस्ट

UP के जिला मेरठ के मवाना थाना क्षेत्र में 21 फरवरी को मिला अज्ञात महिला का शव अब तुर्कमेनिस्तान की नागरिक मुहब्बत का निकला। जो की इंडियन ‘अर्चिता अरोड़ा’ नाम से आधार कार्ड बनवाकर रह रही थी। पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने उसके चेहरे और हाथ जला दिए तथा चेहरे पर तेजाब डाल दिया था। मां नाहमदिनेवा गुलनारा ने इयररिंग और ब्लैक टॉप के आधार पर बेटी की शिनाख्त की।
एसपी देहात अभिजीत कुमार के मुताबिक, 21 फरवरी को मवाना खुर्द चौकी के पास भगवती फार्म हाउस के नजदीक महिला का शव बरामद हुआ। पहचान मिटाने के लिए चेहरा बुरी तरह जला हुआ था। मामले में दरोगा राजेश कुमार यादव ने प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस कई दिनों तक शिनाख्त और कातिलों की तलाश में जुटी रही।
500 CCTV फुटेज, संदिग्ध कार से खुली गुत्थी
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के करीब 500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। एक संदिग्ध कार नजर आई। इसी आधार पर परतापुर स्थित अविका होटल के संचालक प्रभात नगर निवासी चंचल कुमार उर्फ बंटी को हिरासत में लिया गया। सख्ती से पूछताछ में उसने शव की पहचान दिल्ली निवासी ‘अर्चिता अरोड़ा’ के रूप में बताई और हत्या कबूल कर ली। साथ ही अपने तीन साथियों के नाम भी उगल दिए।
होटल में शराब के दौरान पैसों को लेकर विवाद
पूछताछ में सामने आया कि 21 फरवरी को चंचल अपने साथियों—गुरमुख उर्फ अरविंद (बिनौली, बागपत), संदीप उर्फ सिट्टू (रेलवे रोड) और विवेक उर्फ काका (टीपीनगर)—के साथ होटल में बैठकर शराब पी रहा था। युवती भी वहीं मौजूद थी। पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ। आरोपियों का कहना है कि कहासुनी के दौरान युवती ने उन्हें दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद चारों ने मिलकर मारपीट की और कंबल से मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी।
साक्ष्य मिटाने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपियों ने शव कार में डाला, पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर तेजाब डाला और हाथ जला दिए। फिर शव को मवाना इलाके में फेंककर फरार हो गए। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कार, तेजाब की खाली बोतल और कंबल बरामद कर लिया है।
‘अर्चिता’ नहीं, मुहब्बत निकली—ऐसे हुई असली पहचान
युवती ‘अर्चिता अरोड़ा’ नाम से आधार कार्ड बनवाकर रह रही थी। उधर उज्बेकिस्तान की अजीजा, जो मुहब्बत की परिचित है, उसे तलाश रही थी। मेरठ में शव मिलने की सूचना पर वह पहुंची, लेकिन जले चेहरे के कारण पहचान नहीं कर सकी। इसके बाद वीडियो कॉल पर मुहब्बत की मां नाहमदिनेवा गुलनारा को तस्वीरें दिखाईं गईं। मां ने इयररिंग और ब्लैक टॉप देखकर बेटी की पहचान कर ली।
गिरफ्तारी और आगे की जांच
पुलिस ने चंचल, गुरमुख, संदीप और विवेक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि आर्थिक विवाद प्राथमिक वजह प्रतीत हो रही है, हालांकि अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
मेरठ पुलिस के अनुसार, मामले के सभी तथ्यों की गहन पड़ताल की जा रही है और फर्जी पहचान से जुड़े पहलुओं की भी जांच होगी।
तुर्कमेनिस्तान से मेरठ तक… ‘अर्चिता’ बनकर क्यों रह रही थी मुहब्बत?
मेरठ हत्याकांड में सामने आया कि जिस युवती की पहचान पहले ‘अर्चिता अरोड़ा’ के रूप में हुई थी, वह असल में तुर्कमेनिस्तान की रहने वाली मुहब्बत थी। सवाल उठ रहा है कि आखिर वह फर्जी नाम और दस्तावेज के सहारे क्यों रह रही थी और उसके मेरठ तक पहुंचने की कहानी क्या है?
विदेशी नागरिक, बदली हुई पहचान
पुलिस जांच में पता चला कि मुहब्बत ने ‘अर्चिता अरोड़ा’ नाम से आधार कार्ड बनवाया था। यह भी जांच का विषय है कि उसने फर्जी दस्तावेज कैसे बनवाए और किसकी मदद से पहचान बदली। विदेशी नागरिक का स्थानीय पहचान के साथ रहना सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी जांच का विषय बन गया है।
मां को नहीं थी पूरी जानकारी
मुहब्बत की मां नाहमदिनेवा गुलनारा ने पुलिस को बताया कि बेटी भारत में रह रही थी, लेकिन उसकी दिनचर्या और पहचान बदलने की जानकारी उन्हें नहीं थी। वीडियो कॉल पर इयररिंग और कपड़ों से पहचान करने के बाद परिवार को घटना का पता चला।
दोस्त की तलाश से खुला राज
उज्बेकिस्तान की अजीजा, जो मुहब्बत की परिचित है, कई दिनों से उसे खोज रही थी। मेरठ में महिला का शव मिलने की सूचना पर वह यहां पहुंची। जले चेहरे के कारण पहचान नहीं हो सकी, लेकिन मां से वीडियो कॉल पर पुष्टि होते ही मामला पलट गया।
होटल कनेक्शन और विवाद
जांच में सामने आया कि मुहब्बत का संपर्क स्थानीय होटल संचालक चंचल कुमार उर्फ बंटी से था। 21 फरवरी को होटल में शराब के दौरान पैसों को लेकर विवाद हुआ, जो कथित तौर पर हत्या की वजह बना। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि युवती का आरोपियों से संबंध कब और कैसे बना।
फर्जी पहचान का नेटवर्क?
मामले में सबसे अहम सवाल फर्जी आधार कार्ड को लेकर है। क्या यह किसी बड़े गिरोह का हिस्सा है या व्यक्तिगत स्तर पर की गई जालसाजी? पुलिस इस पहलू पर भी छानबीन कर रही है।
सुरक्षा और कानूनी पहलू
विदेशी नागरिक का गलत पहचान के साथ रहना वीजा और इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन की ओर भी इशारा करता है। संबंधित एजेंसियों को सूचना देकर रिकॉर्ड खंगाले जा रहे है।













