पिता के त्याग और बेटी की समझदारी की कहानी है ‘बाप की इज्जत’.. ट्रेलर रिलीज़

विकास बालियान की फिल्म का ट्रेलर रिलीज़..दशहरे के बाद दो भागों में दर्शकों के सामने आएगी फिल्म


मुजफ्फरनगर।
पिता और बेटी के रिश्ते, पारिवारिक संस्कार और माता-पिता के त्याग को केंद्र में रखकर बनाई गई फिल्म ‘बाप की इज्जत’ सामाजिक सरोकारों के साथ दर्शकों के बीच आने को तैयार है। दशहरे के बाद फिल्म को दो भागों में रिलीज करने की तैयारी है। करीब सवा दो घंटे की इस फिल्म में यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि संतान की खुशियों के लिए पूरी जिंदगी संघर्ष करने वाले माता-पिता के सम्मान और आर्थिक परिस्थितियों को समझना भी बच्चों की जिम्मेदारी है।

बेटी की खुशियों के लिए दांव पर लगाता है सब कुछ

फिल्म की कहानी एक ऐसे पिता के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी इकलौती बेटी की शादी और उसके खुशहाल भविष्य के लिए अपनी सामर्थ्य से आगे बढ़कर सब कुछ करने को तैयार रहता है। बेटी की इच्छाएं पूरी करने के लिए वह अपनी जमा-पूंजी, संपत्ति और जीवनभर की कमाई तक दांव पर लगाने से पीछे नहीं हटता। कहानी का भावनात्मक पहलू इस सवाल से जुड़ा है कि क्या बेटी अपने पिता के त्याग और आर्थिक मजबूरियों को समझ पाती है?

फिल्म में यह संदेश दिया गया है कि माता-पिता का सम्मान महंगे उपहारों और भव्य आयोजनों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। यदि संतान अपने माता-पिता की आर्थिक स्थिति को समझते हुए उनकी परेशानियों का ख्याल रखे, तो यही उनके लिए सबसे बड़ी खुशी हो सकती है। फिल्म का मूल भाव है कि बच्चों की खुशियों के लिए संघर्ष करने वाले माता-पिता की भावनाओं और आत्मसम्मान को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

वर्षा ठाकुर बेटी, दिनेश त्यागी निभाएंगे पिता की भूमिका

फिल्म में वर्षा ठाकुर मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। वह सुखराग मूवीज के लिए पहली बार काम कर रही हैं और फिल्म में बेटी का किरदार निभा रही हैं। पिता की भूमिका दिनेश त्यागी ने निभाई है, जो दूरदर्शन और आकाशवाणी में 38 वर्षों से अभिनय कर रहे हैं।
फिल्म की कहानी, कॉन्सेप्ट, पटकथा और संवाद विकास बालियान ने लिखे हैं। निर्देशन शिवांक बालियान और विकास बालियान ने संयुक्त रूप से किया है, जबकि निर्माता श्रीमती सुमन बालियान हैं। कैमरे की जिम्मेदारी राजा और जी.के. महुर ने संभाली है। रचना जांगड़ा मेकअप आर्टिस्ट, रमेश चंद्र आर्य प्रोडक्शन कंट्रोलर और गौतम अक्की चीफ असिस्टेंट डायरेक्टर हैं।

फिल्म में शिवांक बालियान, रमेश चंद्र आर्य, रचना जांगड़ा, विपिन चौधरी जाज, मधु चौधरी, पारुल तिवारी, विशु त्यागी, रिया चौधरी, डॉ. ब्रजवीर सिंह प्रधान, सुभाष देव भारती और अक्की गौतम सहित कई कलाकारों ने अभिनय किया है। विकास बालियान भी फिल्म में छोटी, लेकिन महत्वपूर्ण भूमिका में दिखाई देंगे।

सामाजिक संदेश देने वाली फिल्मों को प्राथमिकता

विकास बालियान मनोरंजन के साथ सामाजिक संदेश देने वाली कहानियों को प्राथमिकता देते हैं। उनकी फिल्मों में गरीबी, पारिवारिक संस्कार, रिश्तों की अहमियत, दोस्ती और संघर्ष जैसे विषय देखने को मिलते हैं। ‘गरीब की बेटी’, ‘गरीबी’, ‘संस्कार’, ‘मजबूर मां’ और ‘धाकड़ दोस्ती’ उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल हैं।

फिल्म ‘गरीब की बेटी’ के माध्यम से सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर आगे बढ़ने का संदेश देने का प्रयास किया गया। वहीं, उनका दस मिनट से अधिक अवधि का ‘अन्नदाता’ गीत किसानों की आवाज को सामने लाने पर केंद्रित है। लगभग 10 मिनट 30 सेकंड का गीत ‘खता तो बताओ’ प्रेम में मिली पीड़ा के बावजूद दूसरे व्यक्ति को बदनाम नहीं करने की भावना को व्यक्त करता है।

विकास बालियान का प्रयास है कि उनकी रचनाएं केवल मनोरंजन तक सीमित न रहें, बल्कि दर्शकों को सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर सोचने के लिए भी प्रेरित करें।

स्थानीय कलाकारों को मिल रहा मंच
‘बाप की इज्जत’ में मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्र के कलाकारों को प्रमुखता दी गई है। फिल्म से जुड़े विवरण के अनुसार, इसमें करीब 90 प्रतिशत कलाकार स्थानीय क्षेत्र से हैं। स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर देने की यह पहल छोटे शहरों और कस्बों के कलाकारों के लिए आगे बढ़ने का मंच बन सकती है।
वर्ष 2026 से सुखराग मूवीज पर विकास बालियान की फिल्मों का सिलसिला जारी है। अब तक पांच से अधिक फिल्में आ चुकी हैं। छह से अधिक फिल्मों को लेकर आगे की तैयारी है, जबकि लगभग आधा दर्जन अन्य परियोजनाओं पर काम शुरू होने की जानकारी है।

रिश्तों का सम्मान ही फिल्म का मूल संदेश

‘बाप की इज्जत’ का केंद्रीय विचार यह है कि पिता का सम्मान केवल उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा से नहीं, बल्कि उसके संघर्ष, त्याग और संतान के प्रति प्रेम से भी जुड़ा है। बेटी की खुशियों के लिए पिता अपनी जरूरतों को पीछे छोड़ सकता है, लेकिन संतान की समझदारी और संवेदनशीलता उसके लिए किसी महंगे उपहार से कम नहीं होती।

फिल्म का ट्रेलर शाम पांच बजे रिलीज हो गया। इसके बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया से पता चलेगा कि पिता-बेटी के भावनात्मक रिश्ते और सामाजिक संदेश पर आधारित यह कहानी लोगों के दिलों में कितनी जगह बना पाती है।