प्रसिद्ध इस्लामिक विद्वान अय्यूब कासमी का इंतकाल, रंजो ग़म की लहर

काज़ी अमजद अली

मुजफ्फरनगर:प्रसिद्ध इस्लामिक विद्वान मौलाना मौ. अय्यूब कासमी के निधन से इस्लामिक जगत में शोक की लहर दौड गयी। सोमवार को उनकी नमाजे जनाजा में क्षेत्र व दूरदराज से आये इस्लामिक विद्वानों सहित गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की तथा उनके निधन को शिक्षा व सामाजिक क्षेत्र की बडी क्षति बताया है।

मुजफ्फरनगर जिले के भोपा में स्थित अल जामियातुल इस्लामिया रियाजुल उलूम अरबी मदरसे के संस्थापक मौलाना मौ. अय्यूब कासमी का 74 वर्ष की आयु में रविवार की रात निधन हो गया। उनके निधन के समाचार से इस्लामिक जगत में गम की लहर दौड गयी। सोमवार की दोपहर जोहर की नमाज के बाद उनकी नमाजे जनाजा अदा की गयी। जिसके उपरान्त उन्हें सुपुर्दे खाक किया गया। मरहूम मौलाना अय्यूब कासमी देवबन्द स्थित विश्वविद्यालय दारूल उलूम से शिक्षा प्राप्त विद्वान थे। इस्लामिक जगत में उनका विशेष स्थान था। उन्होनें क्षेत्र के गांव सिकन्दरपुर, टन्ढेडा, तेवडा, किशनपुर, रहकडा स्थित अरबी मदरसों में शिक्षा प्रदान की। मरहूम की नमाजे जनाजा प्रसिद्ध विद्वान मौलाना मौ. अय्यूब सिकन्दरपुरी उस्ताद दारूल उलूम देवबन्द ने अदा कराई। इस दौरान मुख्य रूप से मौलाना अब्दुल्ला मारूफी, मौलाना मौ. अफजल,, मौलाना खिज्र मौहम्मद कश्मीरी, कारी इस्लमादुनी, कारी रियासत अली, कारी मौ. इरशाद, मुफ्ती मौ. अय्यूब, मुफ्ती बिन यामीन, मौलाना सईदुज्जमा, हाजी हलीम, हाजी लियाकत अली, इजहार प्रधान, अमली खां, मौलाना अहमद हसन, मौलाना फरमान, मौलाना मुमताज, कारी अतहर, कारी नईम आदि सहित हजारों व्यक्तियों ने शिरकत की।

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