उर्दू डवलपमेंट आर्गेनाइजेशन ने यौमे उर्दू पर किया टॉपर छात्र-छात्राओं का सम्मान

उर्दू भाषा के विकास और संरक्षण की जरुरत : डॉ. सैय्यद अहमद

उर्दू डवलपमेंट आर्गेनाइजेशन ने यौमे उर्दू पर किया मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान

 

मुज़फ्फरनगर। उर्दू डवलपमेंट आर्गेनाइजेशन द्वारा सम्राट इंटर कॉलेज मे आयोजित “विश्व उर्दू दिवस” पर आयोजित कार्यक्रम मे उर्दू भाषा के विकास पर बल दिया गया। मुख्य अतिथि यूडीओ के कौमी सदर डॉ. सैयद अहमद खान ने कहा की उर्दू मीठी जुबान है। यह हिंदुस्तान मे पैदा हुई। यही पली बढ़ी। अब इसके संरक्षण की जरुरत है।कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक मासूम मुरादाबादी एवं सम्मानित अतिथि प्रोफेसर अली अहमद इदरीसी (उर्दू विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय), डॉ. सैयद अहमद खान (राष्ट्रीय अध्यक्ष यूडीओ) एवं मुफ़्ती बिन यामीन कासमी रहे । वरिष्ठ पत्रकार मासूम मुरादाबादी को साहित्यिक सेवाओं के लिए ‘अल्लामा इकबाल पुरस्कार’ तथा प्रोफेसर अली अहमद इदरीसी एवं डॉ. सैयद अहमद खा को उर्दू एवं शैक्षिक सेवाओं के लिए मौलाना अबुल कलाम आजाद शैक्षिक एवं शिक्षण पुरस्कार से सम्मानित किया गया।


कार्यक्रम में सुलेख प्रतियोगिता के 3 विजेताओं खदीजा अल-कुबरा (प्रथम) को एक डिनर सेट, अकदस (द्वितीय) को एक डिनर सेट और फातिमा सईद ( तृतीय)को एक सूटकेस दिया गया। अध्यक्षता डॉ. सैय्यद अहमद खान एवं संचालन निज़ामत कलीम त्यागी ने किया।

 


इस अवसर पर बोलते हुए वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक मासूम मुरादाबादी ने कहा कि लिपि किसी भी भाषा की मूल पहचान होती है। यदि उर्दू लिपि को संरक्षित नहीं किया गया तो भाषा को बचाना संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि उर्दू भाषा की सबसे बुरी हालत उत्तर प्रदेश में है, जहां यह भाषा मृत्युशैया पर है। इसके लिए सरकार और भाषा के लोग समान रूप से दोषी हैं।

 


विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर अली अहमद इदरीसी ने कहा कि मुजफ्फरनगर की जनता और खासकर उर्दू विकास संगठन से जुड़े लोग बधाई के पात्र हैं जो लंबे समय से उर्दू की शमा जला रहे हैं और हर साल 9 नवंबर को विश्व उर्दू दिवस का आयोजन करते हैं और विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर पुरस्कृत कर रहे है ।

 

उर्दू  का अस्तित्व इसी में है कि इसकी लिपि के साथ किसी भी प्रकार का अनादर न किया जाए। क्योंकि उर्दू हमारी सामाजिक-राजनीतिक सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान भी है।इस मौके पर अपने अध्यक्षीय भाषण में डॉ. सैयद अहमद खान ने कहा कि एक अच्छे समाज के निर्माण के लिए भारत की मातृभूमि की भाषा उर्दू को लोकप्रिय बनाने की सख्त जरूरत है।व्यक्तित्व में निखार लाएं और लोगों के साथ शालीनता से पेश आएं। यह तभी संभव है जब उर्दू भाषा आम हो जाए और इसके लिए प्रांतीय सरकारों और केंद्र सरकार का सहयोग अपरिहार्य है।

UDO संयोजक तहसीन अली असारवी ने कहा कि शिक्षा ही प्रगति का एकमात्र रास्ता है और अध्ययन ही सफलता का हथियार है। उन्होंने कहा कि उर्दू छात्रों का भविष्य उज्ज्वल है और उन्हें किसी भी तरह से निराश नहीं होना चाहिए। यूडीओ के अध्यक्ष कलीम त्यागी ने कहा कि उर्दू उत्तर प्रदेश की दूसरी आधिकारिक भाषा है, इसलिए हमें उर्दू को बढ़ावा देने के लिए सरकार से मांग करनी होगी।

संगठन के जिला सचिव शमीम क़स्सार ने कहा कि आज हमें सोशल मीडिया पर उर्दू लिपि में अपना संदेश भेजने की सख्त जरूरत है। आज बड़े-बड़े शायर और लेखक उर्दू में लिखना अपना अपमान समझते हैं, जो बहुत दुखद है। कार्यक्रम में सम्राट इंटर कॉलेज के छात्रों ने अल्लामा इकबाल का गान प्रस्तुत किया। मोहम्मद हारिस ने उर्दू के महत्व पर एक शानदार भाषण दिया। इस अवसर पर डॉ. शमीम उल हसन, हाजी सलामत राही, असद फारूकी, कलीम त्यागी, तहसीन अली असारवी, मौलाना मूसा कासमी, बदरुज्जमां खान, डॉ. सलीम सलमानी, शमीम क़स्सार , गुलफाम अहमद, डॉ. फरुख हसन, नदीम मलिक, मास्टर खलील अहमद कार्यक्रम को सफल बनाने में मास्टर इम्तियाज अली, साजिद खान, कारी तौहीद अजीज, इशरत हुसैन, साजिद त्यागी, हाजी शकील अहमद एवं तौहीद त्यागी आदि का विशेष सहयोग रहा। आलमी शायर डॉ. तनवीर गौहर, शाहिद अरमान, इंजीनियर असद पाशा, अब्दुल हक सहर, मुफ्ती अब्दुल कादिर, आसिफ कुरेशी, मुफ्ती अब्दुल कादिर, चांद मियां, आस मोहम्मद कैफ, मास्टर इसरार, डॉ. इरशाद सम्राट, डॉ. अरशद डॉ. सम्राट, डॉ. नजमुल हसन जैद, डॉ. शमीम मलिक, अनस नसीर सिद्दीकी,डॉ. जमील मलिक, शाहवेज राव, महबूब आलम एडवोकेट, अमीर आजम एडवोकेट सहित सैकड़ों गणमान्य लोग मौजूद रहे।