शहीद दिवस पर श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन


गौतमबुद्ध नगर। शहीद दिवस के अवसर पर दनकौर स्थित द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज, ग्रेटर नोएडा में महान क्रांतिकारी शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव एवं राजगुरु के बलिदान को स्मरण करते हुए एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
पुष्पांजलि व मौन रखकर दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम का शुभारंभ शहीदों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दो मिनट का मौन रखकर किया गया। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने शहीदों के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की और उनके बलिदान को नमन किया।
शहीदों का बलिदान देश के लिए प्रेरणास्रोत: डॉ राजीव पांडेय
कार्यक्रम का आयोजन समाजशास्त्र विभाग के सहायक आचार्य डॉ. राजीव पांडेय द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 23 मार्च 1931 भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का वह स्वर्णिम दिवस है, जब देश के तीन वीर सपूतों ने मातृभूमि की आज़ादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उनका त्याग, साहस और राष्ट्रप्रेम आज भी देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का अमर स्रोत है।
शहीदों के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान
सभा को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स ने कहा कि शहीदों का बलिदान केवल इतिहास का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रनिर्माण की सतत प्रेरणा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे देशभक्ति, निडरता, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक न्याय जैसे आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें।
वक्ताओं ने साझा किए विचार
इस अवसर पर उपप्राचार्या डॉ. रश्मि गुप्ता ने शहीदों के जीवन, विचारों और योगदान पर प्रकाश डाला।
कला संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ. देवानंद सिंह ने कहा कि भगत सिंह की बहादुरी के किस्से सदियों तक सुनाए जाते रहेंगे और शहीद अमर रहते हैं।
विज्ञान विभागाध्यक्ष अमित नागर ने कहा कि भगत सिंह के क्रांतिकारी विचार आज भी युवाओं में जीवित हैं।
डॉ. राघव ने कहा कि भगत सिंह भारत माता के वीर सपूत हैं और आने वाली पीढ़ियां उनसे देशभक्ति की प्रेरणा लेंगी।
डॉ. नाज़ परवीन ने कहा कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की शहादत ने स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी और अंग्रेजी शासन के अंत का संकेत दे दिया।
राष्ट्र की एकता और प्रगति का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए समर्पित होकर कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन देशभक्ति के भाव और शहीदों के प्रति सम्मान के साथ हुआ।