UDO ने योगी सरकार से उर्दू अकादमी के गठन की मांग की

उर्दू डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन की मासिक बैठक में राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद (एनसीपीयूएल) के पुनर्गठन के प्रयास पर खुशी जताई 
मुजफ्फरनगर। उर्दू डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन की बैठक में राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद (एनसीपीयूएल) के पुनर्गठन को लेकर केंद्र सरकार से मिले सकारात्मक जवाब पर खुशी जताई गई। पदाधिकारियों ने कहा कि इससे परिषद की प्रशासनिक गतिविधियों के फिर से शुरू होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
जिलाध्यक्ष कलीम त्यागी ने कहा कि लंबे समय से परिषद के पुनर्गठन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, लेकिन अब केंद्र के जवाब से स्थिति स्पष्ट हुई है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में उर्दू अकादमी के गठन की मांग भी उठाई।
बैठक में बताया गया कि शिक्षा मंत्रालय की ओर से मिले जवाब के अनुसार एनसीपीयूएल के एग्जीक्यूटिव बोर्ड और गवर्निंग काउंसिल के पुनर्गठन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जबकि फाइनेंस कमेटी के गठन पर विचार किया जा रहा है।
कलीम त्यागी ने कहा कि परिषद की निष्क्रियता के कारण उर्दू भाषा से जुड़ी शैक्षिक और सांस्कृतिक गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं, लेकिन अब पुनर्गठन के बाद इनके फिर से शुरू होने की उम्मीद है।
नेशनल कोर्डिनेटर तहसीन अली असारवी ने कहा कि संगठन ने उर्दू के अधिकारों के लिए उच्च न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि उर्दू भाषा को बढ़ावा देने के लिए समाज को भी आगे आना होगा और नई पीढ़ी को इससे जोड़ना होगा।
बैठक में डॉ. शमीमुल हसन, हाजी सलामत राही, बदर खान, शमीम कस्सार, डॉ. फर्रुख हसन, नदीम मलिक,कारी सलीम मेहरबान, गुलफाम अहमद, खलील अहमद, तहसीन अली, इम्तियाज अली,समेत कई लोग मौजूद रहे।