साहित्य

हमारी राष्ट्र -भाषा हिन्दी..

हमारी राष्ट्र -भाषा हिन्दी

हम भारत के वासी है
भाषा हमारी हिन्दी है
हम सब को मिलकर
कसम आज खानी है
बच्चे खो रहे हिन्दी को
पहचान हमें दिलानी हैं

भारत माता के मस्तक पर
बिन्दी आज सजानी हैं
आने वाली पीढ़ी को अब
हिन्दी भी सिखानी हैं
हिन्दी के ज्ञान ध्यान की
हर दिन ज्योत जलानी हैं

पहला शब्द मुंह से निकाला
वो माँ शब्द हिन्दी का था
हाथ पकड़ कर माँ ने हिन्दी
लिखना मुझे सिखाया था
टूटी फूटी लिखावट में
‘अ’ अक्षर एक बनाया था

हिन्दी भारती की विरासत
अब आगे कौन बढ़ाएगा
मैथलीशरण या दिनकर
सा क्या कोई बन पाएगा
राष्ट्रभाषा के नाम पर मेला
आज खूब लगाया है

नहीं बैर उर्दू से मेरा
न अंग्रेजी से दूरी है
लेकिन जीने के लिए
हिन्दी बहुत जरूरी है
सुनु चाहे कोई भी भाषा
सोच में हिन्दी रखती हूं

छोड़ो विदेशी भाषा का मोह
आओ हिन्दी को अपनायें
मातृभाषा और राजभाषा को
राष्ट्र – भाषा भी आज बनायें
अब लेगे प्रण खायेंगे कसम
कि हिन्दी हम बचायेंगे ।

सरिता जैन, मुरैना ✍?

TRUE STORY

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