आजादी का अमृत महोत्सव हम सब मिल आज मनातें हैं..

आजादी का अमृत महोत्सव
हम सब मिल आज मनातें हैं
जिसने अपना बलिदान दिया
उनको सबको हम शीश झुकाते हैं।
अपने वतन को आजाद करने
वीरों ने कसमें खाई थी
दुश्मनों को मार भगाने की
जान की बाजी लगाई थी।
नेताजी गांधी नेहरू जी ने
आजादी की राह दिखाई थी
उनके बताए पथ पर चलके
हमने आजादी पाई थी।
रानी थी वह झांसी की
जिसने तलवार उठाई थी
पीठ पर बांधा बालक को
अंग्रेजों को धूल चटाई थी।
राजगुरु सुखदेव भगतसिंह
हँसकर फांसी पर झूले थे
जान से प्यारा हो वतन हमें
शिक्षा हम को यह देते थे।
मंगल पाण्डे लक्ष्मीबाई भगतसिंह
सुखदेव और राजगुरु सरीखे
वतन पर मर मिटनेवालों को
सत् सत् नमन हम करतें हैं।
आजादी का पर्व मनाकर
देशभक्तों का गुणगान करतें हैं
जिनके कारण आजादी पाई
उनको शीश हम झुकाते हैं।
सरिता जैन:-
लेखिका है इनके लेख देश के कई समाचार पत्रों व वेबसाइट पर प्रकाशित हो चुके है। यह मुरैना की निवासी है।