साहित्य
प्रीमैच्योर बच्चे को नया जीवन देना था कठिन: डा. अमित


मेरठ में 500 ग्राम बच्चे का जन्म गत 15 मार्च को डाक्टर गरिमा द्वारा अनंदित अस्पताल में हुआ था। उसे सांस नहीं आ रही थी, इसलिए बच्चे को तुरंत इंक्युबेटर व वेंटिलेटर में एम्बुलेंस से न्यूटिमा अस्पताल लाया गया। तीन माह के बाद एक आंख और एक आंत की सर्जरी झेलने के बाद आज बच्चा पूरी तरह से ठीक है।
उक्त जानकारी सोमवार को प्रेसवार्ता के दौरान डा. अमित उपाध्याय ने दी। उन्होंने बताया, मात्र 24 हफ्ते जेस्टेशन पर जन्मे 500 ग्राम के करीब के बच्चे देशभर में यदा कदा किसी नवजात शिशु सेंटर में ही बचते हैं। उनकी टीम ने इतने कम समय से जन्मे प्रीमैच्योर बच्चे को एक मील का पत्थर रखा है। क्योंकि डाक्टरों ने भी बच्चे के बचने की उम्मीद कम ही बतायी थी।




