वसीम रिज़वी के खिलाफ मुस्लिमो में गुस्सा, सीओ को तहरीर देकर मुकदमे की मांग उठाई

शिया वक्फ बोर्ड के सदस्य वसीम रिजवी द्वारा नये शिगूफे के साथ अपना नया कुरान लिखने व नये कुरान को मदरसो में अनिवार्य करने की मांग किये जाने का विवाद तूल पकड़ रहा है। मुस्लिम समाज के लोगों में गुस्सा देखने को मिल रहा हैं। मुस्लिम समाज के लोगों ने सीओ सिटी से मिलकर आरोपी के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की मांग करते हुए तहरीर दी हैं। इनका कहना है कि यह कृत्य नाकाबिले बर्दाश्त है। ऐसे में आरोपी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून भी लगाया जाना चाहिए।
पूर्व सभासद मौ. फैसल, हाजी दिलशाद व खालापार निवासी शहजाद कुरैशी ने सीओ सिटी कुलदीप सिंह से मुलाकात की। उन्हें तहरीर देते हुए बताया कि उन लोगों ने सोशल मीडिया पर लखनऊ निवासी वसीम रिजवी नामक व्यक्ति का एक पत्र देखा है। इस पोस्ट में वसीम रिजवी द्वारा मजहबी किताब कुरान शरीफ को लेकर भावनाये भडकाने वाली बात कही है। इस पोस्ट से यह प्रतीत होता है कि यह पोस्ट प्रथम दृष्टया दंगा कराने वाली योजना की साजिश हैं। इससे पहले भी ये व्यक्ति कई ऐसे कृत्य कर चुका है। जिसको लेकर प्रदेश में माहौल खराब हो चुका है। ऐसी स्थिति में उच्चतम न्यायालय द्वारा भी इस व्यक्ति पर मजहबी किताब के साथ छेडछाड करने पर जुर्माना लगाया गया था। इनका कहना था कि जो पत्र एवं पोस्ट वसीम रिजवी द्वारा वायरल की गई है।
उसमे लिखा गया है कि कुरान-ए-पाक में 26 आयत ऐसी है जो अल्लाह की ओर से नहीं आयी है। ये आयते आंतकवाद की मानसिकता को बढ़ावा दे रही है। उसका कहना था कि इन आयतो के कारण मुस्लिम समाज में आंतकी विचारधारा पैदा हो रही है। पूरे विश्व में मुस्लिम आंतकवाद चरम सीमा पर हैं। ऐसे हालात में उन्होंने एक नया कुरान तैयार करते हुए इन 26 आयतो को कुरान-ए-मजीद से हटा दिया हैं।
वसीम रिजवी ने पत्र में कहा था कि इस नये कुरान को मदरसो में पढाये जाने का आदेश दिया जाये। इस पोस्ट के वायरल होते ही मुजफ्फरनगर के मुस्लिम समाज में रोष छा गया। पूर्व सभसद असद जमा ने कहा कि इस प्रकार के कृत्य करके वसीम रिजवी अपनी ओछी मानसिकता का परिचय दे रहे है जिसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज होना चाहिए। पूर्व सभासद मौ. फैसल ने दी गई तहरीर में भी इस बात का जिक्र किया है कि वसीम रिजवी लगातार प्रदेश का माहौल खराब करने में जुटे हुए हैं।
कौन है वसीम रिजवी-
दर असल वसीम रिजवी शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन है। हाल ही में वसीम रिजवी को वक्फ बोर्ड का सदस्य भी चुना गया है। वसीम रिजवी पर भ्रष्टाचार व गबन के मुकदमे दर्ज है। वसीम रिजवी ने वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष पद पर रहते समय करोडो रूपये की वक्फ सम्पत्ति के बैनामे कर दिये थे। सपा की सरकार में भी वसीम रिजवी चेयरमैन पद पर आसीन रहा है। सत्ता बदलते ही उनकी आस्था भाजपा में हो गई थी। भाजपा की सरकार बनने के बाद वसीम रिजवी ने कई मुस्लिम विरोधी बयान जारी करे भाजपा का नजदीकी होने का प्रयास किया। तीन माह पहले सीएए एनआरसी लागू करने की मांग उठाई तो मार्च के महीने में वसीम रिजवी ने नौ मस्जिदों को हिन्दू समाज के लोगों को सौंपे जाने की मांग की। जिसके बाद वसीम रिजवी मुस्लिम धर्म गुरूओं के निशाने पर है। 14 मार्च को शिया व सुन्नी धर्म गुरूओं ने इस मुद्दे पर बैठक करके ऐलान किया था कि वसीम दीन से खारिज है। ऐसे में न तो कोई आलिम वसीम की जनाजे की नमाज पढायेगा और न ही किसी कब्रिस्तान में उसे दफन किया जा सकता। बता दे कि उसके इसी प्रकार के कृत्यो के चलते उसका परिवार भी उससे नाता तोड चुका है। जिसके बाद वसीम ने एक वीडियो जारी करके सुसाईड करने की भी धमकी दी थी।




