कोरोना न्यूज

युवाओं पर कहर बनकर टूट रहा है डाइबिटीज़, कोरोना काल मे बढ़ी समस्या

ऑन पढ़ाई व कोविड19 के चलते घर में रहने के कारण बढ़े मरीज

 

मेरठ। डाइबिटीज़ ने युवा वर्ग को तेजी से अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। अब 40 वर्ष की अवस्था से अधिक वाले ही नहीं बल्कि युवा अवस्था में कदम रखने वाले भी इस बीमारी की चपेट में आने लगे हैं। ओपीडी में 20 और 25 साल के युवा भी डायबिटीज रोगी के रूप में आ रहे हैं।
मेडिकल मेडिकल कालेज के डा. प्रवीण पुंडीर का कहना है कि मधुमेह की बीमारी अपनी रफ्तार बढ़ा चुकी है और अपनी जीवनशैली बदलकर बीमारियों की ओर भाग रहे लोग इससे बेफिक्र हैं।
मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डा.तुंगवीर सिंह आर्य ने कहा कि खेलकूद की प्रवृत्ति घटने या खेलने का कहीं अवसर न मिलने से बच्चों की सेहत पर विपरीत असर पड़ रहा है। इस पर कई शोध हुए हैं, जिनमें यह दावा किया गया है कि बीते एक दशक में जब से स्मार्ट मोबाइल फोन का इस्तेमाल बढ़ा है, कोविड.19 के चलते घर में रहने की मजबूरी और ऑनलाइन पढ़ाई पर निर्भरता बढ़ी है तभी से बच्चों व युवाओं में बीमारियां बढ़ी हैं। खासतौर पर इनमें डायबिटीज का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। इसके अलावा खानपान में बदलाव, जीवन शैली पाश्चात्य देशों के तरीके की और एक दूसरे से संवादहीनता ने भी डायबिटीज को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
डा. आर्य का कहना हैं अब तो प्री डायबिटीज भी तेजी से बढ़ रही है। इसमें भी डायबिटीज जैसे ही लक्षण होते हैं। उन्होंने बताया सरकारी ही नहीं प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी में भी डायबिटीज के कम उम्र वाले लोग आ रहे हैं। उन्होंने कहा डायबिटीज से बचने का सबसे बेहतर उपाय खानपान ठीक रखना, व्यायाम और योगा है।

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