आपकी उम्र 40 है या आप यह आयु पार कर चुके है, तो यह स्टोरी आपके लिए ही है। आप अपनी हेल्थ और फिटनेस के प्रति अभी से अलर्ट हैं, तो यकीन मानिए आप जब 40 के हो जाएंगे तो आपके किसी भी प्रकार की बीमारी का सामना नहीं करना पड़ेगा। वहीं यदि आप अपने 40वें पायदान पर हैं तो आपको अब फूंक-फूंक कर कदम रखना पड़ेगा क्योंकि आपके शरीर की जरूरतें बदलती रहेंगी।40 साल के बाद हमारे शरीर में अनेक दिक्कतें पैदा होने लगती हैं, जैसे थकान, मोटापा, बालों का झड़ना, हाई बीपी, शुगर, आंखों और हड्डियों का कमजोर होना आदि। ऐसे में जरूरी है कि आप अपनी डाइट में कुछ ऐसी चीजें हैं, जिनसे हमेशा के लिए दूरी बनाकर रखें तो ही अच्छा है। यहां जानें क्या हैं वो चीजें…जिनसे आपको दूरी बनाकर रखनी है।
सफेद पास्ता और ब्रेड
सफेद ब्रेड और पास्ता को रिफाइंड ग्रेन से बनाया जाता है, जिसका अर्थ है कि उनके सभी फाइबर और पोषक तत्व छीन लिए जाते हैं। वह उच्च-ग्लाइसेमिक बन जाते हैं। इसे अगर आप नियमित खाते हैं तो आपका रक्तचाप बढ़ जाता है और उतनी ही तेजी से गिर भी जाता है।
ड्रेसिंग सलाद
हो सकता है कि आप यह सोच कर सलाद खा रहे हों कि यह हेल्दी होता है। लेकिन आप इसमें जो सैलेड ड्रेसिंग डाल रहे हैं, वह आपको गुप्त रूप से नुकसान पहुंचा सकता है। ट्रांस-फैट, चीनी और कृत्रिम रंगों और स्वादों से भरपूर, ये न सिर्फ आपके दिल के लिए बल्कि हार्मोंस के लिए भी बुरे हैं। घर पर जैतून का तेल, नींबू का रस, काला नमक और शहद के साथ ताजा ड्रेसिंग बनाएं।

शाकाहारी तेल व घी
वनस्पति तेल कई शोधन और विरंजन प्रक्रिया से गुजरते हैं और अंत उत्पाद जो हमें मिलता है वह फैट का एक खराब रूप होता है, जो अच्छे से अधिक नुकसान करता है। सोयाबीन, मकई और ताड़ का तेल आपके लिए खतरनाक हो सकता है। कोल्ड प्रेस्ड ऑयल और मूंगफली का तेल, जैतून का तेल और घर पर बना घी और मक्खन का सेवन किया जा सकता है मगर सीमित मात्रा में।

आर्टिफीशियल प्रोटीन-वजन घटाने के फार्मूले
इस तरह के प्रोटीन को मार्केट में वे प्रोटीन या प्लांट प्रोटीन के नाम से बेचा जाता है, लेकिन वास्तव में ये वो नहीं होते हैं। इनमें ढेर सारा फैट, कृत्रिम मिठास, हाइड्रोजनीकृत तेल और फ्लेवर भरा होता है, जो आपके लिवर और दिल के लिए खराब हो सकते हैं।
शराब या बीयर
यह एक ऐसा ड्रिंक है जिसका मजा आपने अपने 30 के दशक में खूब लिया होगा, लेकिन अब इसका सेवन करना आपके जीवन को खतरे में डाल सकता है। वास्तव में, कॉकटेल का सेवन करते समय आप न केवल अतिरिक्त चीनी, खाद्य रंग और कृत्रिम स्वाद का सेवन करते हैं, बल्कि आप अधिक शराब का भी सेवन करते हैं। यदि आप लंबा और स्वस्थ जीवन चाहते हैं, तो सप्ताह में तीन बार एक ग्लास वाइन लें।
आर्टिफिशियल स्वीटनर
बहुत से लोग चीनी से बचने के लिए आर्टिफिशियल स्वीटनर का प्रयोग करते हैं, लेकिन यह चीनी की तुलना में अधिक खतरनाक है। इस बारे में कई रिसर्च हैं, जो साबित करती हैं कि सुक्रालोज और स्टेविया वजन बढ़ाने और जीवनशैली से जुड़ी कई बीमारियों का कारण बन सकते हैं। यह शुगर क्रेविंग्स भी बढ़ाते हैं। आप उन्हें ब्राउन शुगर और कच्चे शहद के साथ रिप्लेस कर सकते हैं।
कोल्ड ड्रिंक या बाज़ारी जूस कोल्ड ड्रिंक कितनी खराब होती है यह सबको पता होता है। कैंसर काउंसिल विक्टोरिया और यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न के एक शोध के अनुसार शुगर युक्त ड्रिंक का ज्यादा सेवन कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है। साथ ही यह मोटापे का कारण भी बनते हैं। इसलिए आप अगर इसका जरा भी सेवन करते है तो आज ही छोड़ दे अन्यथा आपको बड़ी बीमारी घेर सकती है। सिर्फ 25 साल की उम्र तक ही हड्डियां मजबूत होती हैं। 35 साल की उम्र के बाद हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और आप पर ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। हड्डियां कमजोर होने पर कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है लेकिन हड्डियों को मजबूत करने के घरेलू उपायों की मदद से आप हर उम्र में स्वस्थ रह सकते हैं।
कार्बोनेटेड पेय पदार्थ
कार्बोनेटेड पेय पदार्थ जैसे कि सॉफ्ट ड्रिंक, शैंपेन आदि हड्डियों से कैल्शियम को खींच सकते हैं। हार्वर्ड में हुई एक रिसर्च के मुताबिक 16 से 20 साल की महिलाओं को सॉफ्ट ड्रिंक के अधिक सेवन के कारण हड्डियों को क्षति पहुंचने की बात सामने आई थी। इनमें फास्फेट ज्यादा होता है जो कैल्शियम को कम करने लगता है।















