True story
मुजफ्फरनगर में किशोर की हत्या के मामले में 11 साल बाद पीड़ित परिवार को इंसाफ मिला है। किशोर को कुकर्म में विफल होने पर मौत की नींद सुनाने वाले कातिल को अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाह पेश किए गए थे। जिसके आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए सजा की तिथि तय की गई थी।अपर जिला जज पूनम राजपूत ने इस मामले में उम्र कैद की सजा के साथ 75 हज़ार का जुर्माना भी लगाया है। 
अभियोजन पक्ष के मुताबिक नई मंडी थाने पर किशोर रईस की हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।आरोप था कि सोहन उर्फ सोनू पुत्र चमन लाल ने कुकर्म में विफल होने पर किशोर रईस की हत्या करके शव को छिपा दिया था। पिता इश्तियाक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया और जांच के दौरान गाँव के ही एक व्यक्ति ने बताया कि आरोपी युवक को उसने किशोर को साथ ले जाते देखा था। इसके अलावा म्रतक की चप्पल भी कातिल के घर से बरामद की गई थी।
true story….सहायक शासकीय अधिवक्ता पुष्पेन्द्र कुमार व पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता इश्तियाक सिद्दीकी ने अभियोजन पक्ष की और से 13 प्रभावी गवाह पेश करते हुए कड़ी सजा की मांग की। हत्या के बाद कातिल ने यह भी स्वीकारा था कि नशे में उससे गलती हो गई। यह बात भी गवाह ने बताई। इस मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नम्बर 7 पूनम राजपूत ने कातिल को हत्या कर शव छिपाने की धाराओं में उम्र कैद के साथ जुर्माने से दंडित किया।
पीड़ित परिवार फैसले से खुश है। 11 साल बाद इंसाफ की घड़ी आई है। मौके के कुल 13 गवाह व पुलिस की मजबूत कार्यवाही सजा का आधार बनी है।
इश्तियाक सिद्दीक एडवोकेट
. इश्तियाक सिद्दीकी
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता

न्यायालय आदेश की कॉपी
















