हर राज्य में हो सरकारी यूनानी मेडिकल कॉलेज की स्थापना: प्रो. मुश्ताक अहमद
देहरादून। ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस की राष्ट्रीय जनरल बॉडी की बैठक मंगलवार को तस्मिया कैंपस, देहरादून में राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर मुश्ताक अहमद की अध्यक्षता में हुई। बैठक में देशभर से आए यूनानी चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों, चिकित्सकों और प्रमुख पदाधिकारियों ने यूनानी चिकित्सा शिक्षा, शोध और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर मंथन किया।
बैठक में ए एंड यू तिब्बिया कॉलेज, करोल बाग, नई दिल्ली के पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर मुहम्मद इदरीस विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल हुए। मुख्य वक्तव्य ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस के महासचिव डॉक्टर सैयद अहमद खान ने प्रस्तुत किया।
अकादमिक विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर सैयद मुहम्मद आरिफ जैदी और राष्ट्रीय सचिव प्रोफेसर नफ़ासत अली अंसारी समेत देश के विभिन्न हिस्सों से आए चिकित्सकों ने तिब्बिया कॉलेजों के मानकों, शिक्षा व्यवस्था और सामने आ रही समस्याओं पर चर्चा की।
हर राज्य में सरकारी कॉलेज की मांग
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि देश के हर राज्य में कम से कम एक सरकारी यूनानी मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाना चाहिए। इससे यूनानी चिकित्सा की शिक्षा, शोध और चिकित्सा सेवाओं को व्यापक स्तर पर बढ़ावा मिलेगा।
प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार से आयुष के तहत यूनानी चिकित्सा पद्धति को अन्य चिकित्सा पद्धतियों के समान विकास के अवसर उपलब्ध कराने की मांग भी की।
निजी कॉलेजों के अस्पतालों को मिले अनुदान
बैठक में कहा गया कि यूनानी चिकित्सा के प्रचार-प्रसार और विकास में तिब्बिया कॉलेजों की अहम भूमिका है। ऐसे में निजी यूनानी मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों को भी सरकार की ओर से उचित अनुदान दिया जाना चाहिए, ताकि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें और यूनानी चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हो।
बैठक में डॉक्टर शहनाज़ परवीन, अधिवक्ता शाह जबीं काज़ी, डॉक्टर खुर्शीद आलम, डॉक्टर फ़हीम मलिक, डॉक्टर शकील अहमद हापूड़ी, डॉक्टर शम्सुद्दीन आज़ाद, डॉक्टर फ़ैज़ान अहमद सिद्दीकी, डॉक्टर महमूद अहसन सिद्दीकी, प्रोफेसर सैयद अब्दुल मुजीब, प्रोफेसर मुहम्मद आज़म अंसारी, डॉक्टर मुहम्मद काशिफ, डॉक्टर मुहम्मद अब्दुस्सलाम, डॉक्टर महमूद यूनुस उस्मानी, हकीम मज़ाहिर आलम, डॉक्टर सबात अहमद त्यागी, डॉक्टर ज़हीर यार खान, डॉक्टर ग़यासुद्दीन सिद्दीकी, डॉक्टर शकील अहमद, डॉक्टर एहसान अहमद सिद्दीकी, डॉक्टर नासिर अली, डॉक्टर मुफ़्ती जावेद अनवर, हकीम मुहम्मद मुर्तज़ा देहलवी, हकीम रशादुलइस्लाम, डॉक्टर मुहम्मद रफ़ीक़, डॉक्टर एस.के.एल. हमीदुद्दीन, डॉक्टर मुहम्मद अरशद ग़यास, हकीम मुहम्मद अरशद गंगोही, डॉक्टर महमूद आलम, डॉक्टर ज़कीउद्दीन, डॉक्टर मिर्ज़ा आसिफ़ बेग, हकीम यासिर ए. क़ुरैशी, डॉक्टर सैयद मंसूर जमाल, डॉक्टर मुहम्मद दानिश, डॉक्टर बिलाल रिज़वी, डॉक्टर मुहम्मद असलम, डॉक्टर जी.एस. अरोड़ा, डॉक्टर मुहम्मद यूसुफ़ अंसारी, डॉक्टर ख़बीब अहमद, मुफ़्ती मुहम्मद वसीउल्लाह, मुफ़्ती ज़ियाउलहक़, शारिक़ क़ुरैशी, शारिक़ सिद्दीकी, इसरार अहमद उजैनी, ख़ालिद खान भोपाली, ज़ेहान अहमद, क़ारी अहमद क़ादरी और मुहम्मद इमरान क़नौजी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।














