घर के आंगन से चार साल की बच्ची को ले गया.. बनाया निवाला

घर के आंगन से चार साल की आरुषि को उठा ले गया गुलदार, भाई देखता रह गया!

पौड़ी में गुलदार का खूनी हमला, झाड़ियों में मिला मासूम का शव

जिला मुख्यालय से महज 8 किमी दूर हुई घटना, ग्रामीणों का गुस्सा फूटा तो घिरे भाजपा विधायक

वन मंत्री को मौके पर बुलाने की मांग, एक घंटे तक अपनी ही गाड़ी में बैठे रहे विधायक राजकुमार पोरी

पौड़ी गढ़वाल। उत्तराखंड में गुलदार का आतंक अब घरों के आंगन तक पहुंच गया है। पौड़ी के वजली गांव में चार साल की मासूम आरुषि घर के आंगन में खेल रही थी। तभी गुलदार झपट्टा मारकर उसे उठा ले गया। घर के लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही सब कुछ खत्म हो चुका था। बच्ची का भाई अपनी आंखों के सामने गुलदार को को उठाकर ले जाते देखता रह गया।
काफी तलाश के बाद घर से करीब 100 मीटर दूर झाड़ियों में बच्ची का शव मिला। इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। सवाल यह है कि जब जिला मुख्यालय पौड़ी से महज आठ किलोमीटर दूर स्थित गांव में गुलदार बेखौफ होकर घर के आंगन से बच्ची को उठा ले जा रहा है, तो दूरदराज के गांवों में सुरक्षा के हालात क्या होंगे?

मौके पर पहुंचे विधायक, ग्रामीणों ने घेरा
मासूम की मौत से गुस्साए ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। लोगों ने वन मंत्री को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर विरोध शुरू कर दिया। इसी बीच भाजपा विधायक राजकुमार पोरी घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया। विधायक के पहुंचते ही लोगों का आक्रोश और खुलकर सामने आया। घंटों तक मौके पर हंगामे और गहमागहमी का माहौल बना रहा।
पहले मंत्री को फोन, फिर गाड़ी में बैठने की नौबत
ग्रामीणों के विरोध के बीच विधायक को पहले वन मंत्री सुबोध उनियाल से फोन पर बात करनी पड़ी। इसके बावजूद लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। हालात ऐसे बने कि विधायक राजकुमार पोरी को करीब एक घंटे तक अपनी ही गाड़ी में लॉक होकर बैठना पड़ा।
आखिर कब जागेगा वन विभाग?
इस दर्दनाक घटना ने वन विभाग की तैयारियों और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का गुस्सा केवल एक घटना को लेकर नहीं, बल्कि गुलदार के आतंक से लगातार बनी दहशत को लेकर भी है। अब देखना यह है कि मासूम की मौत के बाद प्रशासन और वन विभाग कोई ठोस कदम उठाते हैं या ग्रामीणों को फिर आश्वासनों से ही संतोष करना पड़ेगा।