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कौन थी राबिया, जिसका किया गया बेरहमी से कत्ल: अब कातिलों को उठ रही फांसी की मांग

नई दिल्ली में मुरादाबाद में कोतवाली क्षेत्र के बंकावाला के मूल निवासी फर्नीचर व्यवसायी समीर सैफी की बेटी की बेरहमी से हुई हत्या के मामले में सोशल मीडिया पर कातिलों को फांसी की सजा दिलाये जाने की मांग उठ रही है।

कातिलों को मिले फांसी, उठी मांग

समीर अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहता है। समीर के चार बच्चे नवाजिश, राबिया, सोहेल और मुस्कान बताते गए है। जिनमें से राबिया को लगभग चार माह पहले लाजपत नगर दिल्ली उपायुक्त कार्यालय में नौकरी मिल गई थी। 21 वर्षीय राबिया रोज शाम को छह बजे तक घर आ जाती थी। बीते गुरुवार को राबिया साढ़े आठ बजे तक घर नहीं पहुंची तो उसके पिता ने 11 बजे कार्यालय पहुंचकर गार्ड से जानकारी मांगी। गार्ड ने शुक्रवार सुबह 8 बजे आने की बात कहकर उन्हें लौटा दिया। समीर सैफी ने लोकायुक्त के ड्राइवर शाहरुख से मोबाइल फोन पर संपर्क किया तो उसने कोई भी जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया। परिवार के लोगों ने उसकी सहकर्मियों से संपर्क साधा, लेकिन कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बीते शुक्रवार को कालिंदी कुंज थाना जनपद फरीदाबाद हरियाणा के एसएचओ ने समीर सैफी को बताया कि उनकी बेटी की हत्या हो चुकी है। उसकी हत्या उसके सहकर्मी जैतपुर दिल्ली निवासी निजामुद्दीन ने की है। निजामुद्दीन ने कालिंदी कुंज थाने में आत्मसमर्पण कर दिया। उसकी निशानदेही पर शव बरामद कर लिया गया। सूरजकुंड पुलिस ने निजामुद्दीन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डीसीपी हेडक्वार्टर फरीदाबाद डॉ अंशु सिंगला ने बताया कि निजामुद्दीन को पूछताछ के लिए दिल्ली से प्रोडक्शन वारंट पर लिया जाएगा।

50 से ज्यादा स्थानों पर चाकू के मिले प्रहार

नफरत से भरे निजामुद्दीन ने राबिया का गला काटने के बाद राबिया के पूरे शरीर को चाकुओं से गोद डाला। यहां बंकावाला में पीएम के बाद जब शव समीर के घर पहुंचा तो राबिया के शरीर की हालत देख पत्थर दिल इंसान भी सिहर उठे। सुपुर्द ए खाक करने से पहले सब को नहलाने के दौरान चाकू से बुरी तरह गौदे गए शव को देखकर एक महिला बेहोश हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि राबिया के चेहरे, पेट आदि पूरे शरीर पर बुरी तरह गोदा गया था।


कातिल युवती को पत्नी बता करता रहा गुमराह
4 माह पहले राबिया को सिविल डिफेंस में नौकरी मिली थी। निजामुद्दीन 3 माह पहले राबिया से कोर्ट मैरिज करने का दावा करते हुए बता रहा था कि उसे अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। इसलिए उसकी हत्या कर दी। जबकि समीर सैफी का कहना है कि इस शादी के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं

दिल्ली पुलिस में खाकी वर्दी पहनने को उत्सुक थी राबिया

मृतका के पिता समीर सैफी ने बताया कि 4 माह पहले राबिया का चयन सिविल डिफेंस में हुआ था। उन्होंने राबिया से इस नौकरी के लिए मना करते हुए शिक्षिका की नौकरी करने पर बल दिया था लेकिन राबिया इस नौकरी के लिए काफी उत्सुक थी। जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से स्नातक राबिया दिल्ली पुलिस में भर्ती होना चाहती थी और इसके लिए वह तैयारी कर रही थी।
सुनसान इलाके में कत्ल को ले गया था निज़ामुद्दीन
राबिया की हत्या दिल्ली हरियाणा रोड पर बेहद सुनसान स्थान पर की गई। कातिल निजामुद्दीन बाइक पर बैठाकर राबिया को अपने साथ ले गया और रास्ते में सुनसान स्थान पर उसे गला काटकर मौत के घाट उतार डाला और इसके बाद पूरे शरीर को चाकू से बुरी तरह वोट डाला। उधर राबिया के परिजन दावा कर रहे हैं कि हत्या अकेले निजामुद्दीन ने नहीं की है बल्कि उसके साथी भी वहां मौजूद रहे होंगे। उन्होंने पुलिस से सभी हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की है।

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