खराब आदतों के कारण बढ़ रही वेरिकोज वेंस समस्या: डा. कपिल
मैक्स ने एडवांस्ड वैस्कुलर इंटरवेंशन तकनीकों पर आयोजित किया जन जागरूकता कार्यक्रम

मेरठ। एंडोवैस्कुलर इंटरवेंशन तकनीकों के क्षेत्र में हालिया तरक्की की बदौलत पेरिफेरल आर्टेरियल डिजीज (पीएडी), डीप वेन थ्रोम्बोसिस (डीवीट), वेरिकोस वेंस जैसी कई बीमारियों से पीड़ित मरीजों का इलाज हो सकता है ताकि, उनके जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो सके। मिनिमली इनवेसिव तकनीकों के आने से अब ज्यादातर मामलों में सर्जिकल या खुली प्रक्रिया (अंगच्छेदन आदि) की जरूरत नहीं पड़ती है। उक्त जानकारी गुरुवार को गढ़ रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में आयोजित हुई पत्रकारवार्ता में मैक्स हॉस्पिटल पटपड़गंज नई दिल्ली में प्रिंसिपल कंसल्टेंट तथा वैस्कुलर एंड एंडोवैस्कुलर सर्जरी के इंचार्ज डा. कपिल गुप्ता ने दी। बताया कि इस बारे में लोगों को जागरूक करने की जरूरत महसूस करते हुए मैक्स हॉस्पिटल ने आज एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। बताया कि सही समय पर इलाज शुरू कराने से वैस्कुलर की स्थिति बेहतर करने में मदद मिलती है और वैस्कुलर तकनीकों की तरक्की भी समय के साथ बेहतर होती जा रही है।
श्रमरहित लाइफ स्टाइल का चलन हुआ तेज
शहरी क्षेत्रों में खानपान की खराब आदतें और श्रमरहित लाइफस्टाइल का चलन तेज हुआ है, जिस कारण वैस्कुलर स्थितियों वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। पेरिफेरल आर्टेरियल डिजीज (पीएडी), डीप वेन थ्रोम्बोसिस (डीवीटी) और अन्य स्थितियों की सही समय पर डायग्नोसिस हो जाए तो इनका इलाज संभव है और मरीजों को बेहतर जीवन मिल सकता है।
मेरठ के सुभाष त्यागी की नसों में हो गया था खिंचाव
मेरठ के सुभाष त्यागी की बाईं टांग में नसों के खिंचाव के कारण तेज दर्द और सूजन था। विस्तृत जांच के बाद पता चला कि उसे वेरिकोज वेंस है, जिस कारण लगातार दर्द और सूजन की शिकायत आ रही थी और कई बार एड़ी पर घाव हो जाता था जो भरता नहीं था। इस वजह से टूटी नसों से रक्तस्राव होने लगता था। उसे रेडियोफ्रिक्वेंसी एब्लेशन नामक एडवांस्ड स्टिचलेस इलाज दिया गया और अब वह अच्छा हो गया है तथा उसकी शिकायतें भी दूर हो गई हैं।