अपना मुज़फ्फरनगर

साँठगाँठ के खेल में हरे वृक्षों की बलि वेदी हुई तैयार

ज़िन्दगी माँगते हैं वो साँसों को बेंचकर……………??

साँठगाँठ के खेल में हरे वृक्षों की बलि वेदी हुई तैयार,लाखों की हेराफेरी के चक्कर में लगातार जारी है हरे वृक्षों का कटान
सिंचाई विभाग पर्यावरण को बर्बाद करने पर हुआ आमादा

(काज़ी अमजद अली)

मुज़फ्फरनगर : हम आह भी करते हैं तो हो जाते हैं बदनाम ,वो कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नही होता ।राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पर्यावरण को तबाह करने पर तुला सरकारी तन्त्र क्षेत्र में हरियाली को समाप्त करने की जैसे सोगन्ध खाये बैठा है दिन प्रतिदिन दूषित होते वातावरण को बचाने के लिये वृक्षारोपण करने की बातें समझाई जा रहीं वहीं क्षेत्र में हरे वृक्षों का कटान भी धड़ल्ले से जारी है । सरकारी तन्त्र द्वारा हरे वृक्षों के कटान का ठेका छोड़ने में लाखों की साँठगाँठ का मामला प्रकाश में आया है।बेलड़ा गांव में सिंचाई विभाग के कार्यालय परिसर व आसपास खड़े हरे वृक्षों के कटान का फरमान जारी होने पर ग्राम प्रधान ने पर्यावरण हित मे हरे वृक्षों के कटान के ठेके को तुरन्त रद्द करने व तीस लाख की हेराफेरी कर हरे वृक्षों के कटान करने का परमिशन जारी करने वाले भृष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है अन्यथा मार्ग पर धरना देकर आंदोलन की चेतावनी दी है।

मुज़फ्फरनगर ज़िले के भोपा थाना क्षेत्र के गाँव बेलड़ा मे गंग नहर किनारे स्थित सिंचाई विभाग के कार्यालय परिसर व आसपास सैंकड़ो हरे कीमती वृक्ष खड़े हैं जो क्षेत्र की शोभा बढ़ाने के साथ साथ हवा को भी शुद्ध करने व ऑक्सीजन को बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। बेहड़ा थ्रू निवासी चरण सिंह ने जिलाधिकारी के नाम प्रार्थना पत्र देकर बताया की सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा साँठगाँठ कर हरे वृक्षों के कटान का ठेका छोड़ दिया गया है।। क्षेत्र में पर्यावरण को बचाने के नाम पर हरे वृक्षों का कटान किया जाना पर्यावरण के हित मे नही है। हरे कीमती वृक्षों की नीलामी कौड़ियों के भाव मात्र सात लाख बीस हज़ार में छोड़ दी गयी है । जबकि वृक्षों की वास्तविक कीमत 40 लाख रुपये स्थानीय व्यापारियों द्वारा आंकी गयी है ।मिलीभगत कर वृक्षों का मूल्यांकन बहुत कम कीमत में कराया गया है जिससे प्रशासन को बड़े राजस्व की हानि पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है पूर्व में भी इसी प्रकार हरे वृक्षों का कटान कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के अलावा बड़े स्तर पर प्रशासन को राजस्व का नुकसान पहुंचाया जा रहा है । पर्यावरण हित मे वृक्षों के कटान को तुरन्त रोकने व साँठगाँठ में शामिल दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग समाज सेवी ने की है।।

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