वित्तीय साक्षरता से सशक्त होगा ग्रामीण भारत…ग्रामीणों को मिली बैंकिंग और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी

–शामली के गोहरनी में विशाल वित्तीय समावेशन शिविर का आयोजन
शामली। तीन माह के वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान के तहत पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने बुधवार को जनपद शामली की गोहरनी ग्राम-पंचायत में एक वृहद वित्तीय समावेशन (एफआई) संतृप्ति शिविर का आयोजन किया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य वित्तीय समावेशन योजनाओं की पहुंच को ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाना और ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था। कार्यक्रम में भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के कार्यपालक निदेशक अविरल जैन ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और लोगों को मिल रही वित्तीय सुविधाओं का जायजा लिया।
जिला पंचायत संसाधन केंद्र में आयोजित इस शिविर में मंचासीन अतिथियों में भारतीय रिज़र्व बैंक के कार्यपालक निदेशक अविरल जैन, पीएनबी के कार्यकारी निदेशक कल्याण कुमार, मुख्य विकास अधिकारी शामली विनय कुमार तिवारी, आरबीआई, लखनऊ के क्षेत्रीय निदेशक पंकज कुमार, पंजाब नेशनल बैंक के अंचल प्रमुख कुलदीप सिंह राणा, उपअंचल प्रमुख राजकुमार अग्रवाल, मंडल प्रमुख नीरज कुमार, उपमंडल प्रमुख मुजफ्फरनगर आर-एल-दास, एलडीओ आरबीआई रिषभ, डीडीएम नाबार्ड निलय वत्स, एलडीएम शामली अनिल कुमार, एलडीएम मुजफ्फरनगर शिशिर कुमार त्रिवेदी, पूर्व एलडीएम उमाशंकर गर्ग, रिटायर्ड एजीएम पीएनबी अशोक छाबड़ा, मुख्य प्रबंधक अविनाश कुमार झा, वरिष्ठ प्रबंधक हेमन्त कुमार ठहरी, वरिष्ठ प्रबंधक अमित कुमार शामिल थे। इनके अतिरिक्त बैंकों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मंच पर उपस्थित थे।
शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके साथ ही, अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की गई ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इन योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। शिविर के प्रमुख कार्यों में निष्क्रिय बैंक खातों का पुनः केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) करवाना, नए जन-धन खाते खोलना और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देना शामिल रहा।
डिजिटल लेनदेन और वित्तीय सुरक्षा पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आरबीआई के कार्यपालक निदेशक अविरल जैन ने वित्तीय समावेशन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ष्ग्रामीण भारत में डिजिटल लेनदेन, बीमा एवं पेंशन योजनाओं में भागीदारी से न केवल नागरिकों की वित्तीय सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।ष् उन्होंने ग्रामीणों को आधुनिक बैंकिंग प्रणाली से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
आरबीआई, लखनऊ के क्षेत्रीय निदेशक पंकज कुमार ने ग्रामीणों से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उठाकर आर्थिक रूप से सशक्त बनने की अपील की। उन्होंने डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के तरीकों और दावा न की गई जमा राशि तथा शिकायत निवारण तंत्र तक पहुंचने के बारे में भी लोगों को जागरूक किया।
पीएनबी के कार्यकारी निदेशक कल्याण कुमार ने ग्रामीणों को अपने बैंक खातों को सुरक्षित रखने के संबंध में जानकारी दी और साइबर धोखाधड़ी से सतर्क रहने की सलाह दी। अधिकारियों ने ग्रामीणों से पुनः केवाईसी प्रक्रिया के लाभों पर जोर देते हुए अनुरोध किया कि वे इस संतृप्ति अभियान के तहत यह प्रक्रिया अवश्य पूरी करें, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी रुकावट के उनके खातों तक पहुंच सके।
पीएनबी के अंचल प्रमुख कुलदीप सिंह राणा ने भी कैम्प में मौजूद लोगों को वित्तीय साक्षरता का महत्व बताया।
क्रिसिल फाउन्डेशन की क्षमता वर्धन अधिकारी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि तरक्की करनी है, तो बचत को अपनी जिन्दगी का हिस्सा बनाना पड़ेगा। उन्होंने बचत के साथ-साथ निवेश व सामाजिक सुरक्षा के बारे में भी ग्रामीणों को जागरूक किया।
शिविर में बैंक अधिकारियों, वित्तीय सलाहकारों, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों और बैंक मित्रों ने सक्रिय भागीदारी की और ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया। शिविर को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा गया। शाम 5 बजे तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, 450 से अधिक खातों का केवाईसी अद्यतन किया गया। इसके अतिरिक्त, बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मौके पर ही विभिन्न योजनाओं में अपना पंजीकरण कराया और लाभान्वित हुए। इस शिविर ने वित्तीय सेवाओं को सीधे ग्रामीणों के द्वार तक पहुंचाकर वित्तीय समावेशन अभियान को एक नई गति दी है।