पुलिस महानिरीक्षक रेलवे ने हरिद्वार में ली समीक्षा बैठक… विस्तृत हुई समीक्षा

(मयूर गुप्ता)
हरिद्वार। जीआरपी मुख्यालय हरिद्वार में पुलिस महानिरीक्षक रेलवेज उत्तराखण्ड सुनील कुमार मीणा ने अपराध और प्रशासनिक कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में थानावार अपराध, लंबित विवेचनाएँ, रेलवे सुरक्षा और आने वाले अर्द्ध कुंभ 2027 की तैयारियों पर खास जोर रहा।
आईजी मीणा ने सभी थाना प्रभारियों को सीमावर्ती जीआरपी के साथ समन्वय कर गोष्ठियाँ आयोजित करने, सभी पोर्टलों को प्रतिदिन अपडेट रखने और 60 दिन से अधिक लंबित विवेचनाओं का समय से निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। आरपीएफ के साथ तालमेल बढ़ाते हुए अधिक ट्रेनों में एस्कॉर्ट ड्यूटी, रेलवे ट्रैक की नियमित संयुक्त चेकिंग और स्टेशनों पर बीडीएस व श्वान दल की चेकिंग बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए।
आईजी ने अज्ञात शव की शिनाख्त के लिए फिंगर प्रिंट व गुमशुदा प्रविष्टियों के मिलान, महिला संबंधित अपराधों व एससी/एसटी एक्ट के मामलों की समयबद्ध विवेचना, ई-सम्मन के माध्यम से सम्मन तामील, यात्रियों की समस्याओं के समाधान हेतु प्रत्येक थाने में उपनिरीक्षक तैनात करने तथा लंबित अभियोगों का शत-प्रतिशत अनावरण व बरामदगी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

उन्होंने न्यायालय की आदेशिकाओं की तामील, चोरी–लूट–जहरखुरानी जैसी घटनाओं का त्वरित अनावरण, निरोधात्मक कार्रवाई बढ़ाने और उत्तराखण्ड पुलिस एप, गौरा शक्ति एप, 1090/1930/182/112 व CEIR पोर्टल के व्यापक प्रचार-प्रसार के भी निर्देश दिए।
बैठक में एसपी रेलवेज तृप्ति भट्ट, सीओ रेलवेज स्वप्निल मुयाल, प्रभारी निरीक्षक जीआरपी हरिद्वार बिपिन चन्द पाठक, प्रभारी निरीक्षक जीआरपी देहरादून राजीव चौहान, थानाध्यक्ष जीआरपी लक्सर रचना देवरानी, उप निरीक्षक सतपाल सिंह (काठगोदाम) सहित सभी चौकी व शाखा प्रभारी मौजूद रहे।




